भारतकोश
सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)

सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)

Sant Dadu Dayal Vani with Hindi Commentary

सन्त दादू दयाल जी द्वारा

DevanagariHindipublished504 पृष्ठ

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श्री दादूवाणी-राग बिलावल 21 मक्का बीचि मुसाफरीला, मदीना मुलतान वे ॥ टेक ॥ नबी नाल पैगम्बरे, पीरों हंदा थान वे । जन तहुँ ले हिकसा ला, इथां बहिश्त मुकाम वे ॥ 1 ॥ इथां आब जमजमा, इथांई सुबहान वे । तख्त रबानी कंगुरेला, इथांई सुलतान वे ॥ 2 ॥ सब इथां अंदर आव वे, इथांई ईमान वे । दादू आप वंजाइ बेला, इथांई आसान वे ॥ 3 ॥ 353. (पंजाबी) क्रीड़ा ताल खंडनि आसण रमदा रामदा, हरि इथां अविगत आप वे । काया काशी वंजणां, हरि इथैं पूजा जाप वे ॥ टेक ॥ महादेव मुनि देवते, सिद्धैंदा विश्राम वे । स्वर्ग सुखासण हुलणैं, हरि इथैं आत्माराम वे ॥ 1 ॥ अमी सरोवर आतमा, इथांई आधार वे । अमर थान अविगत रहै, हरि इथैं सिरजनहार वे ॥ 2 ॥ सब कुछ इथैं आव वे, इथां परमानन्द वे । दादू आपा दूर कर, इथांई आनंद वे ॥ 3 ॥ इति राग बिलावल सम्पूर्णः ॥ 21 ॥ पद 20 ॥ दादूराम सत्यराम

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