सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)

सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)
Sant Dadu Dayal Vani with Hindi Commentary
सन्त दादू दयाल जी द्वारा
DevanagariHindipublished504 पृष्ठ
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राग भैरूं www.dadooram.org अथ राग भैरूं 25 (गायन समय प्रातः काल) 373. सतगुरु तथा नाम महिमा । त्रिताल सतगुरु चरणां मस्तक धरणां, राम नाम कहि दुस्तर तिरणां ॥ टेक ॥ अठ सिधि नव निधि सहजैं पावै, अमर अभै पद सुख में आवै ॥ 1 ॥ भक्ति मुक्ति बैकुंठा जाइ, अमर लोक फल लेवै आइ ॥ 2 ॥ परम पदारथ मंगल चार, साहिब के सब भरे भंडार ॥ 3 ॥ नूर तेज है ज्योति अपार, दादू राता सिरजनहार ॥ 4 ॥ 374. उत्तम ज्ञान स्मरण । चौताल तन ही राम मन ही राम, राम हृदय रमि राखि ले । मनसा राम सकल परिपूरण, सहज सदा रस चाखि ले ॥ टेक ॥
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