भारतकोश
सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)

सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)

Sant Dadu Dayal Vani with Hindi Commentary

सन्त दादू दयाल जी द्वारा

DevanagariHindipublished504 पृष्ठ

पृष्ठ 83, कुल 504 में से

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श्री दादूवाणी-परिचय का अंग 4 औजूद मकामे हस्त - देह अध्यासी के लक्षण नफ़्स गालिब किब्र काबिज, गुस्सः मनी एस्त । दुइ दरोग, हिर्स हुज्जत, नाम नेकी नेस्त ॥ 132 ॥ अरवाह मकामे हस्त - आत्मवादी के लक्षण इश्क इबादत बंदगी, यगानगी इखलास । मिहर मुहब्बत, खैर खूबी, नाम नेकी पास ॥ 133 ॥ माबूद मकामे हस्त - ब्रह्मवादी के लक्षण यके नूर खूबे खूबां, दीदनी हैरान । अजब चीज खुरदनी, पियालए मस्तान ॥ 134 ॥ मौजूद खबर (शरीयत - मंजिल) हैवान आलम गुमराह गाफिल, अव्वल शरीयत पंद । हलाल हराम नेकी बदी, दर्से दानिशमंद ॥ 135 ॥ तरीकत मंजिल कुल फारिग तर्क दुनिया, हररोज हरदम याद । अल्हः आली इश्क आशिक, दरूने फरियाद ॥ 136 ॥ मार्फत मंजिल आब आतश अर्श कुर्सी, सूरते सुबहान । शिरर सिफ़्त करद बूद, मारफत मकाम ॥ 137 ॥ हकीकत मंजिल हक हासिल नूर दीदम, करारे मकसूद । दीदार दरिया अरवाहे आमद, मौजूदे मौजूद ॥ 138 ॥ चारों मंजिलें चहार मंजिल बयां गुप्तम, दस्त करदः बूद । पीरां मुरीदां खबर करदः, जां राहे माबूद ॥ 139 ॥ पहली प्राण पशु नर कीजे, साच झूठ संसार । नीति अनीति भला बुरा, शुभ अशुभ निरधार ॥ 140 ॥

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