धम्मपद (पालि मूल, संस्कृत छाया एवं हिन्दी अनुवाद)
Dhammapada with Pali Original & Hindi Translation
महापण्डित राहुल सांकृत्यायन द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें२ ] धमपदं [ १३ वाहन (बैल घोड़े) के पैरोंको जैसे (रथका) पहिया अनुगमन करता है (वैसेही) उसका दुःख अनुगमन करता है। श्रावस्ती मट्ठकुण्डली २-मनो पुब्बङ्गमा धम्मा मनोसेट्ठा मनोमया। मनसा चे पसन्नेन भासति वा करोति वा। ततो 'नं सुखमन्वेति छाया' व अनपायिनी ॥२॥ (मनःपूर्वङ्गमा धर्मा मनःश्रेष्ठा मनोमयाः। मनसा चेत् प्रसन्नेन भाषते वा करोति वा। तत एनं सुखमन्वेति छायेवानपायिनी ॥२॥ ) अनुवाद - सभी धर्मोंका मन अग्रगामी है, मन प्रधान है; (कर्म) मनोमय हैं। यदि (कोई) स्वच्छ मनसे बोलता या करता है, तो (कभी) न (साथ) छोडनेवाली छायाकी तरह सुख उसका अनुगमन करता है। श्रावस्ती (जेतवन) थुल्लतिस्स (थेर) ३-अक्कोच्छि मं अवधि मं अजिनि मं अहासि मे। ये च तं उपनय्हन्ति वेरं तेसं न सम्मति ॥३॥ (अक्रोशीत् मां अबधीत् मां अजैषीत् मां अहार्षीत् मे। ये च तत् उपनह्यन्ति तेषां वैरं न शाम्यति ॥३॥) अनुवाद - 'मुझे गाली दिया', 'मुझे मारा', 'मुझे हरा दिया', 'मुझे लूट लिया' (ऐसा) जो (मनमें) बाँधते हैं, उनका वैर कभी शान्त नहीं होता।