धम्मपद (पालि मूल, संस्कृत छाया एवं हिन्दी अनुवाद)

धम्मपद (पालि मूल, संस्कृत छाया एवं हिन्दी अनुवाद)
Dhammapada with Pali Original & Hindi Translation
महापण्डित राहुल सांकृत्यायन द्वारा
DevanagariHindipublished213 पृष्ठ
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( २०० ) जाता है; ऐसी अवस्थामें पहुँचे पुरुषको सोतापन्न कहते हैं। स्रोत (=श्रोतः)=निर्वाणगामी नदी प्रवाहमें जो आपन्न (=पड़ गया) है।* प्रज्ञाप्रासादमारुह्याऽशोच्यः शोचतो जनान्। भूमिष्ठानिव शैलस्थः सर्वान् प्राज्ञोऽनुपश्यति योगभाष्य १।४७ कामं कामयानस्य यदा कामः समृध्यते। अथैनमपरः कामः क्षिप्रमेव प्रधावते ॥ न्यायभाष्य ४।१।५७ न तेन वृद्धो भवति—म० ० । धम्म० १६।४