धम्मपद (पालि मूल, संस्कृत छाया एवं हिन्दी अनुवाद)
Dhammapada with Pali Original & Hindi Translation
महापण्डित राहुल सांकृत्यायन द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें५२ ] धम्मपदं [ ८।१५ अनुवाद—दुष्प्रज्ञ और असमाहितके सौ वर्षके जीनेसे भी प्रज्ञावान् और ध्यानीका एक दिनका जीवन श्रेष्ठ है। जेतवन सप्पदास ( थेर ) ११२–यो च वस्ससतं जीवे कुसीतो हीनवीरियो । एकाहं जीवितं सेय्यो वीरियमारभतो दळ्हं ॥१३॥ ( यश्च वर्षशतं जीवेत् कुसीदो हीनवीर्यः । एकाहं जीवितं श्रेयो वीर्यमारभतो दृढम् ॥१३॥ ) अनुवाद—आलसी और अनुद्योगीके सौ वर्षके जीवनसे दृढ़ उद्योग करनेवालेके जीवनका एक दिन श्रेष्ठ है। जेतवन पटाचारा ( थेरी ) ११३–यो च वस्ससतं जीवे अपस्सं उदयव्ययं । एकाहं जीवितं सेय्यो पस्सतो उदयव्ययं ॥१४॥ ( यश्च वर्षशतं जीवेद् अपश्यन् उदयव्ययम् । एकाहं जीवितं श्रेयः पश्यत उदयव्ययम् ॥१४॥ ) अनुवाद—( संसारमें वस्तुओंके ) उत्पत्ति और विनाशका न ख्यालकरनेके सौ वर्षके जीवनसे, उत्पत्ति और विनाश- का ख्याल करनेवाले जीवनका एक दिन श्रेष्ठ है। जेतवन किस गोतमी ११४–यो च वस्ससतं जीवे अपस्सं अमतं पदं । एकाहं जीवितं सेय्यो पस्सतो अमतं पदं ॥१५॥