भारतकोश
ज्ञानेश्वरी (भावार्थ दीपिका - मूल मराठी ओव्या व हिन्दी व्याख्या)

ज्ञानेश्वरी (भावार्थ दीपिका - मूल मराठी ओव्या व हिन्दी व्याख्या)

Dnyaneshwari / Bhavarth Deepika with Hindi Commentary

संत ज्ञानेश्वर महाराज द्वारा

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बिना नामकां- १७ : ४१४-४२२ ब्राह्मण- १८ : ८३३-८५४, मिथ्याचार ३ : ६४-६६ योग- ३ : ३७, ३ : ४४, ५ : १६-१७. राजस- १८ : ५९०-६१० लोकसंग्रहार्थ- ३ : १५४-१९५, ३ : १७३-१७६ विकर्म ४ : ९० विभूति-७ : ४६-५१ विहित-३ : ११८-१२६, १८ : १४९-१५३ वैश्य-१८ : ८८०-८८२ शास्त्रोक्त-१८ : ८८८-८९३ शूद्र-१८ : ८८३. -संग्रह १८ : ४७८-५१५ सात्विक-१८ : ५८६-५९३ क्षत्रिय-१८ : ८५६-८७८. कामक्रोध- -का परिणाम- ३ : २६०-२६२, १६ : ४४५-४५४. -का वर्णन ३ : २१-२८, ३ : २३९-२५९, १६ : ३२७-३४२ १६ : ३९५-३९६, १८ : १०५७-१०६१. -का सामर्थ्य ३ : २३२-२६६. -के त्यागका कारण १६ : ४२५-४३६ -के त्यागका फल १६ : ४३७-४४४ -को जीतनेका उपाय ३ : २६७-२७० कीर्तन- अप्राप्य ९ : २०६ -का फल ९ : १९५-२०५, ९ : २०७-२०९. -का स्वरूप ९ : २१०, १० : ११९-१२९, कुंडलिनी- -का परिणाम ६ : २६०-२९०, ९ : २१४ -का मार्ग १२ : ४८-५७ १८ : १०३६-१०४० -का स्वरूप ६ : २२२-२५० -की शक्ति ६ : २५१-२५९. कृतार्थता-३ : १४७-१४८, ७ : १११, ७ : १७६-१७७, १५ : १८५-१८७, १८ : १५६२-१५७१. क्रमयोग- १८ : १०११-११११ गणेश- १ : १-२०, १० : १२४, १३ : १, १७ : १-८. गीता- -और कर्म १८ : १४३७-१४३९. -और ज्ञान १८ : १४४६-१४५१ -का उपासनाकांड १८ : १४४०-१४४५ -का फल १८ : ४८, १८ :१६९६. -का माहात्म्य १ : ५०-५५, १८ : ३०-५९ १८ : १६६०-१६८९. -का संप्रदाय १८ : १४७५-१५०९. -की गहनता १ : ७०-७१, ११ : २६-२७, -की वेदोंसे तुलना १८ : १४५६-१४६२, १८ : १५१०-१५११. -के अधिकारी १ : ५६-६०, ६ : २२-३०, ९ : ३६-४० १२ : २३०-२३३, १५ : ५८१, १८ : १७४९ -के अनधिकारी ६ : १९४-१९६. -के विषय १८ : १२४३-१२४४. -वेदका मूल है १८ : १४२६-१४६६ गुण- -और बंध १४ : १४६-१४८, -और मरणोत्तर गति १४ : २५६-२५८, रज १४ : २७२-२७३, १४ : २३८-२४२ सत्व १४ : २१४-२२५, १४ : २७१. -और गुणातीत १४ : ३२७-३६९. -की उत्पत्ति : १४ १३९-१४५, तम-१४ : १७४-१९५, १४ : २५५-२५९. १५ : १६३-१७४. रज-१४ : १६०-१७३, १५ : १५५-१६२, सत्व-१४ : १४९ १५९, (4) ४१ विषय-विश्लेषण