भारतकोश
श्रीगणेश पुराण (उपासना व क्रीडा खण्ड - गीताप्रेस विशेषाङ्क)

श्रीगणेश पुराण (उपासना व क्रीडा खण्ड - गीताप्रेस विशेषाङ्क)

Ganesha Purana Gita Press Special Edition

महर्षि व्यास द्वारा

स्रोत: Gita Press Gorakhpur · Gita Press Gorakhpur (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished656 पृष्ठ

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श्रीहरिः 'श्रीगणेशपुराण-अङ्क' की विषय-सूची विषय पृष्ठ-संख्या विषय पृष्ठ-संख्या १- अष्टगणपतिस्थान-स्मरण ....................................... ११ उनके वधहेतु योगनिद्रा देवीकी प्रार्थना करना ........ ७२ स्मरण-स्तवन १७- भगवान् विष्णुका मधु-कैटभसे मल्लयुद्ध करना, उन्हें २- वैदिक गणेश-स्तवन ........................................... २३ जीतनेमें अपनेको असमर्थ समझ गन्धर्वरूपसे गायन- ३- श्रीगणपति-ध्यान-मंजरी ...................................... २४ वादनकर भगवान् शिवको प्रसन्न करना और भगवान् ४- पञ्चश्लोकिगणेशपुराणम् ...................................... २५ शिवका उन्हें गणेशजीके षडक्षरमन्त्रका उपदेश देना ... ७४ ५- सर्वकामप्रद श्रीगणेशाष्टकम् ................................. २६ १८- विष्णुका गणेशजीके षडक्षरमन्त्रका अनुष्ठान करना और ६- श्रीगणेशपञ्चरत्नस्तोत्रम् ....................................... २८ गणेशजीकी कृपासे मधु-कैटभका वध करना .......... ७६ ७- गणेशगीतोक्त परब्रह्म श्रीगणेश-तत्त्व........................ २९ १९- राजा भीमकी निःसंतानताके कारणका वर्णन ............ ७९ ८- श्रीगणेशपुराण-सूक्तिसुधा ................................... ३० २०- बालक दक्षद्वारा विघ्नविनायक गणेशजीकी स्तुति करना ९- भगवान् श्रीगणेशजीकी आरती ............................... ३४ और गणेशजीका उसे दर्शन देना .......................... ८१ सम्पादकीय २१- राजकुमार दक्षकी मुद्गलसे भेंट और मुद्गलका उसे १०- श्रीगणेशपुराण—एक अध्ययन.............................. ३५ गणेशजीके एकाक्षर मन्त्रका उपदेश देना ................ ८४ श्रीगणेशपुराण—[ पूर्वार्ध ] २२- दक्षके पूर्वजन्मकी कथाके प्रसंगमें बल्लालकी गणेश- उपासना-खण्ड भक्ति और बल्लालविनायककी महिमाका वर्णन ......... ८७ १- ऋषियों और सूतजीके संवादके प्रसंगमें गणेशजीकी २३- बल्लालके शापसे कल्याण वैश्यको अन्धत्व, बधिरत्व महिमा और राजा सोमकान्तके चरित्रका वर्णन ......... ४३ और मूकत्वकी प्राप्ति; माताकी प्रार्थनापर बल्लालद्वारा २- गलित कुष्ठसे पीड़ित राजा सोमकान्तका वनमें जानेका शापमुक्तिका उपाय बताना ................................. ९० निश्चय करना ..................................................... ४५ २४- दक्षको राज्यप्राप्तिसूचक स्वप्नका दर्शन ................. ९२ ३- राजा सोमकान्तका राजकुमार हेमकण्ठको सदाचार और २५- कौण्डिन्यनगरके राजा चन्द्रसेनकी पुत्रहीन-अवस्थामें मृत्यु, राजनीतिकी शिक्षा देना ......................................... ४७ मुद्गलमुनिका उनके उत्तराधिकारीके सम्बन्धमें निर्णय ४- सोमकान्तका वनगमन .......................................... ४९ देना ................................................................ ९३ ५- सुधर्मा-च्यवन-संवाद ........................................... ५१ २६- दक्षको राज्यकी प्राप्ति और उनकी वंश-परम्पराका ६- राजा सोमकान्तका भृगुमुनिके आश्रममें जाना ............ ५३ वर्णन ................................................................ ९५ ७- भृगुमुनिके द्वारा राजा सोमकान्तके पूर्वजन्मका २७- राजा भीमकी गणेशोपासना और गणेशजीकी कृपासे उसे वर्णन ................................................................ ५५ रुक्मांगद नामक पुत्रकी प्राप्ति .............................. ९६ ८- राजा सोमकान्तद्वारा पूर्वजन्ममें किये गये पापों तथा २८- रुक्मांगदका कुष्ठरोगसे ग्रस्त होना ........................ ९८ वृद्धावस्थामें गणेश-मन्दिरके जीर्णोद्धारका वर्णन....... ५७ २९- देवर्षि नारदका राजा रुक्मांगदको कुष्ठसे मुक्तिहेतु ९- भृगुमुनिका राजा सोमकान्तको गणेशपुराणके श्रवणका गणेशकुण्डमें स्नानकी सलाह देना........................... ९९ उपदेश देना ....................................................... ५९ ३०- इन्द्रका अहल्याके साथ छल करना ...................... १०० १०- गणेशपूजन न करनेसे व्यासजीका विघ्नोंसे अभिभूत होना ३१- गौतममुनिद्वारा अहल्या और इन्द्रको शाप ................ १०२ और ब्रह्माजीका उन्हें गणेशाराधनका उपदेश देना ..... ६१ ३२- देवताओंकी गौतममुनिसे इन्द्रके शापोद्धारहेतु प्रार्थना और ११- ब्रह्माजीका व्यासजीको गणेशजीके मन्त्रके अनुष्ठानकी गौतममुनिका उन्हें षडक्षर मन्त्रका उपदेश देना ....... १०३ विधि बताना .................................................... ६३ ३३- गणेशजीके षडक्षरमन्त्रके प्रभावसे इन्द्रको सहस्र नेत्रोंकी १२- ब्रह्मा, विष्णु और शिवको भगवान् गणेशके दर्शन ..... ६४ प्राप्ति ................................................................ १०५ १३- ब्रह्मा, विष्णु और महेशका भगवान् गणेशकी स्तुति करना ३४- इन्द्रद्वारा चिन्तामणितीर्थमें चिन्तामणि विनायककी तथा गणेशजीका अपने उदरमें स्थित असंख्य ब्रह्माण्डोंका स्थापना ......................................................... १०७ उन्हें दर्शन कराना ............................................. ६६ ३५- चिन्तामणिक्षेत्रस्थ गणेशतीर्थमें स्नानसे राजा रुक्मांगदको १४- सृष्टि करते समय विघ्नोंद्वारा बाधित ब्रह्माजीका भगवान् दिव्य देहकी प्राप्ति तथा उनका माता-पितासहित गणेशकी प्रार्थना करना ...................................... ६९ विनायकलोकको जाना ........................................ १०९ १५- ब्रह्माजीद्वारा भगवान् गणेशकी आराधना ................ ७० ३६- गृत्समदमुनिके जन्मकी कथा ................................ १११ १६- सृष्टि-वर्णन, मधु-कैटभकी उत्पत्ति और ब्रह्माजीद्वारा ३७- गृत्समदमुनिकी गणेशाराधना और वरप्राप्ति .............. ११३ Kalyana Visheshank 2021_Section_2_2_Front