गौतम धर्मसूत्र (हिन्दी व्याख्या सहित)
Gautama Dharmasutra Hindi
महर्षि गौतम द्वारा
स्रोत: Gautama Dharmasutram with Hindi Commentary (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ें( ६ )
शूद्र की वृत्ति ... १०६
शूद्र के लिये यजन की व्यवस्था पर विचार ... १०७
द्वितीय अध्याय
राजा का स्वामित्व ... १०८
राजा के गुण ... १०८
ब्राह्मण द्वारा राजा का आदर ... १०९
वर्णों एवं आश्रमों की राजा द्वारा रक्षा ... ११०
पुरोहित की योग्यतायें ... ११०
राजा के लिये ब्राह्मण का महत्त्व ... १११
ज्योतिषी का महत्त्व ... १११
अभिचार कर्म ... ११२
गृह्य और श्रौत कर्म ... ११३
राजा के व्यवहार के साधन ... ११३
धर्म का निर्णय करने की प्रक्रिया ... ११४
दण्ड का विधान ... ११५
तृतीय अध्याय
शूद्र के लिये वाणी आदि के अपराध में अंग कटवाने का दण्ड ... ११७
शूद्र के लिये वध का दण्ड ... ११८
क्षत्रिय को कठोर वचन के लिये दण्ड ... ११८
वैश्य को उसी अपराध के लिये दण्ड ... ११९
उसी अपराध के लिये ब्राह्मण को दण्ड ... १५९
शूद्र के लिये धन चुराने पर दण्ड ... १२०
वैश्य, क्षत्रिय और ब्राह्मण के लिये चोरी का दण्ड ... १२०
पशु द्वारा खेत का नुकसान होने पर दण्ड ... १२१
धर्मानुसार ब्याज का नियम ... १२३
बन्धक रखी गयी वस्तु के विषय में नियम ... १२४
ब्याज की वृद्धि के प्रकार ... १२५
बन्धक रखी गयी वस्तु का उपभोग ... १२६
उत्तराधिकारी द्वारा ऋण का भुगतान ... १२७