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गौतम धर्मसूत्र (हिन्दी व्याख्या सहित)

Gautama Dharmasutra Hindi

महर्षि गौतम द्वारा

स्रोत: Gautama Dharmasutram with Hindi Commentary (उद्गम)

DevanagariHindipublished360 पृष्ठ

२९२ गौतमधर्मसूत्राणि

धार्मिक व्यक्तियों में धर्म को जानने वाला ज्ञान और उसके अनुष्ठान द्वारा विशेष रूप से स्वर्गलोक प्राप्त करता है ॥ ५० ॥

इति धर्मो धर्मः ॥ ५१ ॥

सोऽयमादितो वेदो धर्ममूलमित्यारभ्यैवमन्तो धर्म उक्तः । द्विरुक्तिः शास्त्रपरिसमाप्त्यर्था ॥ ५१ ॥

गौतमोक्ते धर्मशास्त्रे हरदत्तकृताविह ।
अष्टाविंशोऽयमध्यायो वृत्तौ दायः समाप्तः ॥
इति श्रीगौतमीयवृत्तौ हरदत्तविरचितायां मिताक्षरायां
तृतीयप्रश्ने दशमोऽध्यायः ॥ १० ॥

इस प्रकार धर्म की व्याख्या समाप्त हुई ॥ ५१ ॥

गौतमधर्मसूत्र समाप्त


समाप्तोऽयं ग्रन्थः

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