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गीतावली (गोस्वामी तुलसीदास - गीताप्रेस सम्पूर्ण ७ काण्ड सान्वय सटीक)
Gitavali of Goswami Tulsidas with Gita Press Commentary
गोस्वामी तुलसीदास द्वारा
DevanagariHindipublished454 पृष्ठ
पृष्ठ 454स्थायी लिंक
नाहिन भजिबे जोग बियो । श्रीरघुवीर समान आन को पूरन कृपा हियो ॥ १ ॥ कहहु कौन सुर सिला तारि पुनि केवट मीत कियो ? कौने गीध अधमको पितु-ज्यों निजकर पिंड दियो ? ॥ २ ॥ कौन देव सबरीके फल करि भोजन सलिल पियो ? बालित्रास-वारिधि बूड़त कपि केहि गहि बाँह लियो ? ३ ॥ भजन प्रभाउ बिभीषन भाष्यौ, सुनि कपि-कटक जियो। तुलसिदासको प्रभु कोसलपति सब प्रकार वरियो ॥ ४ ॥ ( गीतावली )