गोभिल गृह्यसूत्रम् (सामवेद कौथुम-राणायनीय शाखा - मुकुन्द शर्मा सटीक)

गोभिल गृह्यसूत्रम् (सामवेद कौथुम-राणायनीय शाखा - मुकुन्द शर्मा सटीक)
Gobhila Grihyasutram of Samaveda with Commentary
महर्षि गोभिल (टीकाकार: पण्डित मुकुन्द शर्मा) द्वारा
DevanagariHindipublished332 पृष्ठ
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)
L19: ‘रराणा’ (९)ददतीति? Wait, where is (८)?
Wait! Look closely at L19:
Is it ‘रराणा’ (८) ददतीति or (९)?
Wait, if footnote (८) is: ( ८ ) रातिर्दानार्थः ( अ० प० ) पदव्यत्ययेन ( पा०३।१।८५ ) लटः शानच् ॥
That explains रराणा!
And footnote (९) is: ( ९ ) “कर्मण्यण्” ( पा०३।२।१ ) इत्यण्प्रत्ययः ॥
Wait, what word has अण् प्रत्यय?
सहस्रपोषम्!
Wait, does सहस्रपोषम् have footnote (८) or (९)?
Wait, look at L12: सहस्रपोषंसुभगे
Look at L18-19: ‘सहस्र- / पोषम्’ - is there a footnote number?
Wait! In L19: look before ‘रराणा’:
Wait, look at L19:
पोषम्’ बहुजनपोषकं सुतम् । ‘रराणा’ (९)ददतीति ॥ ८ ॥?
Wait, where is (८)?
Look at L19: