गोरक्षशतकम् (गुरु गोरखनाथ - षडङ्ग हठयोग, कुण्डलिनी एवं प्राणायाम विधान सटीक)
Goraksha Shatakam of Guru Gorakhnath with Commentary
गुरु गोरखनाथ (टीकाकार: पं. मोतीलाल खद्दर शास्त्री) द्वारा
पृष्ठ 8, कुल 45 में से
संदर्भ में पढ़ेंप्रकाशकीय राष्ट्रगुरु श्री पीताम्बरा-पीठाधीश्वर पूज्यपाद श्री स्वामीजी महाराज के शुभाशीर्वाद एवं जगज्जननी भगवती पीताम्बरामाता, की असीम अनुकम्पा से श्री गोरक्षनाथ प्रणीत 'गोरक्ष शतकम्' हिन्दी अनुवाद के साथ प्रकाशित कर पीताम्बरापीठ अत्यधिक आनन्द का अनुभव कर रही है। प्रस्तुत ग्रन्थ गोरक्ष शतकम् के सौ श्लोकों में हठयोग के गंभीर विषयों को श्री गोरखनाथ ने सरल तथा सहजरूप में अभिव्यक्त किया है वैसा ही सुन्दर अनुवाद पूज्यपाद श्री स्वामीजी महाराज के कृपा पात्र एवं पीठ के अनन्य सेवक डॉ. श्री मोतीलाल खड्डर शास्त्री (मास्टरजी) द्वारा किया गया है, जो हृदयहारी है। आशा है इस ग्रन्थ के प्रकाशन से न केवल विद्वान पाठकों को संतोष होगा अपितु योग साधकों का भी पथ प्रदर्शन होगा। श्रीमती रेणु शर्मा मंत्री श्री पीताम्बरा पीठ दतिया (म.प्र.) शारदीय नवरात्र २८ सितम्बर २०११