गुरुकुल शिक्षा: भारत-पुनर्निर्माण

गुरुकुल शिक्षा: भारत-पुनर्निर्माण
Gurukul Shiksha: Bharat Punarnirman
राजीव दीक्षित / रोबिन सिराना द्वारा
स्रोत: Swadeshi Shiksha Series · Swadeshi Robin Sirana · 2017 (उद्गम)
DevanagariHindipublished78 पृष्ठ
पृष्ठ 10, कुल 78 में से
संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 10
ग्लोबलाईजेशन नये रोजगार देने के नाम पर हमारे बच्चों के हाथों में कसाई का छुरा थमा रहा हैं।
दिनचर्या
- • दिनचर्या आधुनिक विकृतियों से दूर जैन परम्पराओं के आचार-पालन और रासायनिक-जंतुनाशक रहित आहार के साथ व्यवस्थित की गई है।
- • उत्तिष्ठ = ब्रह्म मुहूर्त में उठना
- • संस्कृत व धार्मिक पठन
- • प्रार्थना, ध्यान व प्राणायाम
- • शारीरिक कुशलताएँ (योग, व्यायाम, लाठी, दौड़ इत्यादि)
- • दर्शन एवं पद्यकक्षाण
- • दंतमंजन, त्रिफलांजन, नवकारशी, गौ-दोहन, धारोष्ण दुग्धपान
- • अभ्यंग, स्नान व जिन पूजा
- • धार्मिक अध्ययन-सूत्रपाठ-सामायिक
- • मध्याह्न भोजन एवं वामकुक्षी
- • ज्योतिष, संस्कृत, गणित, चित्रकला, संगीत इत्यादि विभिन्न विषयों का अध्ययन
- • विभिन्न शारीरिक तालीम एवं क्रीडा
- • सायं भोजन-स्वैर विहार इत्यादि
- • दर्शन, संध्याभक्ति, आरती-मंगल दीपक
- • गायन-वादन, नाट्य, वक्तृत्व इत्यादि कला-कुशलताओं का प्रशिक्षण
- • शयन
अंग्रेज चालबाज मैकाले ने ऐसी शिक्षण प्रणाली प्रस्थापित की जिसको आज तक कोई भी बदल नहीं सका। उसकी शिक्षा पद्धति के कारण भारत के लोग अपनी संस्कृति, धर्म एवं अपनी मात्रभाषा से आप ही आप विमुक्त हो गए हैं। देश में आज अनेक देशी अंग्रेजी पैदा हो रहे हैं।