भारतकोश
गुरुकुल शिक्षा: भारत-पुनर्निर्माण

गुरुकुल शिक्षा: भारत-पुनर्निर्माण

Gurukul Shiksha: Bharat Punarnirman

राजीव दीक्षित / रोबिन सिराना द्वारा

स्रोत: Swadeshi Shiksha Series · Swadeshi Robin Sirana · 2017 (उद्गम)

DevanagariHindipublished78 पृष्ठ

पृष्ठ 9, कुल 78 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 9

हमारा प्रयोजन...

आधुनिक शिक्षा प्रणाली के सभी हानिकारक, बुरे और नकारात्मक पहलुओं से नई पीढ़ी को सुरक्षित बनाना है।

वर्तमान शिक्षा पद्धति का भारतीयकरण और अध्यात्मकरण इस विद्याधाम का मुख्य उद्देश्य है।

जैन दर्शन और भारतीय आर्य संस्कृति उनके मूल्य और प्रबंध के अनुसार विद्यार्थियों का बौद्धिक, शारीरिक, वैचारिक, मानसिक, आध्यात्मिक एवं बहुमुखी विकास हो सके, ऐसी अध्ययन-अध्यापन-प्रणाली का संरक्षण, विकास, संवृद्धि एवं विनियोग इस विद्याधाम के महत्वपूर्ण लक्ष्य हैं।

अध्ययन-अध्यापन कार्य में गुरु की प्रमुखता और समाज में गुरुओं के गौरव को पुनः संस्थापित करना है।

A wide-angle photograph showing a large group of students, both boys and girls, sitting cross-legged on a green grassy field. They are arranged in several rows, facing towards the camera. Most of the students are wearing white tank tops and dark shorts or trousers. In the background, there is a long, two-story red building with many windows. The scene appears to be an organized outdoor activity, possibly a yoga or meditation session as part of a school program.

पुरुषों के लिए 72 और महिलाओं के लिए 64 कलाओं की शिक्षण पद्धति के माध्यम से धीरता, वीरता, विद्वत्ता, प्रज्ञानशीलता, चरित्र्यशीलता, राष्ट्रप्रेम, धर्मप्रेम, स्वनिर्भरता, साहसिकता, पराक्रमिता, निडरता, स्वास्थ्य, उदारता, परोपकारिता, जीवदया, विनय, विवेक, व्यवहार-कुशलता, औचित्य, शीघ्र प्रत्युत्तर-क्षमता, शीघ्र निर्णय-शक्ति, नेतृत्व-क्षमता, दूरदर्शिता एवं श्रेष्ठ, समर्थ व्यक्तित्व धारण करने वाले नर-नारी का निर्माण करना हमारा लक्ष्य हैं।

तक्षशिला व काशी विश्वविद्यालय के लिए किसी समय पहचाना जाने वाला हमारा देश अब अपने कलखानों के लिए विख्यात होने पर गर्व करेगा।