भारतकोश
गुरुकुल शिक्षा: भारत-पुनर्निर्माण

गुरुकुल शिक्षा: भारत-पुनर्निर्माण

Gurukul Shiksha: Bharat Punarnirman

राजीव दीक्षित / रोबिन सिराना द्वारा

स्रोत: Swadeshi Shiksha Series · Swadeshi Robin Sirana · 2017 (उद्गम)

DevanagariHindipublished78 पृष्ठ

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अंग्रेज हर चुंगी नाके पर जजिया बसूल रहा है। फॉरिस्ट ऑफिसर की हैसियत से आदिवासियों पर लठियां बरसा रहा है। मंदिरों को मस्जिदों से लड़ाता है। किंगफिशर की एक बोतल पर रॉक संगीत का कैसेट मुफ्त दे रहा है। बेटियों और बहनों को लेडी डायना की लाइफ स्टाइल परोस रहा है।

संविधान अंग्रेजों का, संसदीय लोकतंत्र अंग्रेजों का, कानून अंग्रेजों का, न्याय और प्रशासनिक व्यवस्था अंग्रेजों की, शिक्षा-प्रणाली अंग्रेजों की, भाषा अंग्रेजों की! मैं दावे के साथ कह सकता हूँ कि इतिहास में एक दिन ऐसा जरूर आएगा जब आपको असली और खानदानी अंग्रेजी सिर्फ हिन्दुस्तान में मिलेंगे, इंग्लैण्ड में नहीं।

-अक्षय जैन

ऐसे माँ-बाप, माँ-बाप कम दुश्मन ज्यादा होते हैं....

जीवन संस्कारों से सजता व संवरता है। पढी हुई शिक्षा तो भूली जा सकती है, लेकिन संस्कार जीवन पर्यन्त के पाथेय होते हैं। संस्कारहीन व्यक्ति दरिद्र ही नहीं होता, वह जीवन भर दुःख और तकलीफ भी भोगता है। सुसंस्कार सुरक्षा कवच हैं, जो मनुष्य के यात्रापथ को निरापथ बनाता है। पालक और बालक यदि सुसंस्कृत, धार्मिक और सभ्य हैं, तो धर्म, समाज और राष्ट्र का बहुमुखी विकास अवश्यभावी है। बालकों के संस्कार-निर्वाण में अभिवाचक भी कम जवाबदेह नहीं हैं। यदि माँ-बाप खुद संस्कारों के शिकार हैं, तो वे अपनी संतति से क्या अपेक्षा रख सकते हैं? ऐसे माँ-बाप, माँ-बाप कम, दुश्मन ज्यादा होते हैं।