भारतकोश
हम्मीर रासो (कवि जोधराज - रणथम्भौर हम्मीर देव का शरणागत धर्म एवं शौर्य इतिहास)

हम्मीर रासो (कवि जोधराज - रणथम्भौर हम्मीर देव का शरणागत धर्म एवं शौर्य इतिहास)

Hammir Raso of Jodhraj on Ranthambore Defense

कवि जोधराज द्वारा

DevanagariHindipublished258 पृष्ठ

पृष्ठ 211, कुल 258 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 211

हम्मीररासो १२५ बहु सिरी सीसन सोहि । उड़ि चलैं भरि जो कोहि १ ॥ गति चलैं २ चंचल एमि । जिनि पवन पहुँचे केमि ॥ ७१८ ॥ धर धरत सुम यों मानि । मनु जरत अगि ३ सुजानि ॥ जल चलैं थल जिमि बट्ट ४ । लखि उड़ें ओघट घट्ट ५ ॥ ७१९ ॥ मृग गहत डार कमाँन । नहिं पच्छि पावहिं ६ जाँन ॥ गति पवन देखि लजात । जनु मुकुर क्रांति सगात ७ ॥ ७२० ॥ दोउ बंस सुद्ध प्रकास । बढ़ि डील पील सु जास ॥ यहिं बिधि सु लिन्ने ८ मौलि । नग हेम सर भर तौलि ॥ ७२१ ॥ कोड बने कच्छिय ऐन । सब ९ उड़ै पच्छिय गैन १० ॥ ऐराक बंस सुसील । गुन भरे झलकत डील ॥ ७२२ ॥ कंधार उपजि स सुद्ध । जनु लखत रूप सु उद्ध ॥ काबलिय डील अनूप । तिहिँ देखि ११ मोहत भूप ॥ ७२३ ॥ अरु चीन कै जु नवीन । ताजी सगुन गन लीन ॥ बर १२ बीर अनक जु डील । जो लिये साटैँ १३ पील ॥ ७२४ ॥ रँग रंग अंग बनाव । सो लिये पंक्ति १४ दाव ॥ सिरगा सुरंग समंद । संजाफ सुरख अमंद ॥ ७२५ ॥ कुम्मैत कुमद कल्याँन । मोती सु मगसी आँन ॥ सबजारु १५ सब रँग भौर । चंपा सु चीनिय चौर ॥ ७२६ ॥ अबलख सु गरड़ा रंग । लक्खी जु अतिहि १६ इमंग ॥ हंसा हरई बाजि । तीतुरिय ताँबी साजि ॥ ७२७ ॥ भिन भिन्न टुकड़ी साजि । चढ़ि चलिय रावत गाजि ॥ चहुवाँन राव हमीर । रँग रंग रचन सुधीर १७ ॥७२८॥ १ सोह, कोह अंत्यानुप्रास । २ चलहिं । ३ अग्नि । ४ बाट । ५ घाट । ६ पावैं । ७ सतात । ८ लीने । ६ सँग । १० औन, गौन, अंत्यानुप्रास । ११ दिक्ख, पिक्ख । १२ अञ्चिय (अरबिय) अनोखे डील । १३ सहैं । १४ लगे पंकज । १५ सु । १६ ऐरि । १७ रण रंग रचनं धीर । CC-0. Mumukshu Bhawan Varanasi Collection. Digitized by eGangotri