भारतकोश
हिन्द स्वराज (आत्म-निर्भरता एवं स्वराज्य दर्शन)

हिन्द स्वराज (आत्म-निर्भरता एवं स्वराज्य दर्शन)

Hind Swaraj by Mahatma Gandhi

मोहनदास करमचन्द गाँधी (महात्मा गाँधी) द्वारा

DevanagariHindipublished150 पृष्ठ

पृष्ठ 28, कुल 150 में से

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बंदूक का भय गोली छूटने के साथ ही समाप्त हो जाता है, लेकिन प्रेम का बंधन हमेशा बढ़ता जाता है। 27

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