भारतकोश
हिन्द स्वराज (आत्म-निर्भरता एवं स्वराज्य दर्शन)

हिन्द स्वराज (आत्म-निर्भरता एवं स्वराज्य दर्शन)

Hind Swaraj by Mahatma Gandhi

मोहनदास करमचन्द गाँधी (महात्मा गाँधी) द्वारा

DevanagariHindipublished150 पृष्ठ

पृष्ठ 98, कुल 150 में से

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पृष्ठ 98

इटली और हिन्दुस्तान संपादक : आपने इटली का उदाहरण ठीक दिया। मैज़िनी महात्मा था। गैरीबाल्डी बड़ा योद्धा था। दोनों पूजनीय थे। उनसे हम बहुत सीख सकते हैं। फिर भी इटली की दशा और हिन्दुस्तान की दशा में फर्क है। पहले तो मैज़िनी और गैरीबाल्डी के बीच का भेद जानने लायक है। मैज़िनी के अरमान अलग थे। मैज़िनी जैसा सोचता था वैसा इटली में नहीं हुआ। मैज़िनी ने मनुष्य जाति के कर्तव्य के बारे में लिखते हुए यह बताया है कि हर एक को स्वराज्य भोगना सीख लेना चाहिए। यह बात उसके लिए सपने जैसी रही। स्वदेशाभिमान का अर्थ मैं गैरीबाल्डी और मैज़िनी के बीच मतभेद हो गया देश का हित समझता हूँ। था यह हमें याद रखना चाहिए। अगर देश का हित अंग्रेजों इसके सिवा, गैरीबाल्डी ने हर इटालियन के के हाथों होता हो, तो मैं हाथ में हथियार दिए और हर इटालियन ने हथियार आज अंग्रेजों को झुककर लिये। इटली और आस्ट्रिया के बीच सभ्यता का नमस्कार करूँगा। अगर भेद नहीं था। वे तो ‘चचेरे भाई’ माने जाएँगे। कोई अंग्रेज कहे कि देश ‘जैसे को तैसा’ वाली बात इटली की थी। इटली को आज़ाद करना चाहिए, को परदेशी (आस्ट्रिया के) जुए से छुड़ाने का जुल्म के ख़िलाफ़ होना मोह गैरीबाल्डी को था। इसके लिए उसने कावूर चाहिए और लोगों की की मारफ़त जो साजिशें कीं, वे उसकी शूरता को सेवा करनी चाहिए, तो बट्टा लगाने वाली हैं। उस अंग्रेज को मैं अन्त में नतीजा क्या निकला? इटली में हिन्दुस्तानी मानकर उसका इटालियन राज करते हैं इसलिए इटली की प्रजा स्वागत करूँगा। सुखी है, ऐसा आप मानते हों तो मैं आप से कहूँगा कि आप अंधेरे में भटकते हैं। मैज़िनी ने साफ़-साफ़ बताया है कि इटली आज़ाद नहीं हुआ है। विक्टर इमेन्युअल ने इटली का एक अर्थ किया, मैज़िनी ने दूसरा। इमेन्युअल, कावूर और गैरीबाल्डी के विचार से इटली का अर्थ था इमेन्युअल या इटली का राजा और उसके हुजूरी। मैज़िनी के विचार से इटली 97

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