भारतकोश
हिन्दू पद-पादशाही (मराठा साम्राज्य एवं हिन्दू पुनरुत्थान इतिहास)

हिन्दू पद-पादशाही (मराठा साम्राज्य एवं हिन्दू पुनरुत्थान इतिहास)

Hindu Pad-Padashahi by Veer Savarkar

विनायक दामोदर सावरकर (वीर सावरकर) द्वारा

DevanagariHindipublished254 पृष्ठ

पृष्ठ 225, कुल 254 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 225

[ २७ ]

की तुलना इसीलिये नहीं हो सकती क्योंकि चन्द्रगुप्त के पास शत्रुओं का सामना करने के सब साधन वर्त्तमान थे और हिंदुओं के ऊपर विदे- शियों का इतना आतङ्क नहीं छाया हुआ था और न ही उनके भीतर से सारी शक्तिया और आशायें विदा हो चुकी थीं। मरहठों के समय मे सारा भारत मुसलमानों और पुर्तगेज़ों और दूसरे विभिन्न विदेशियों के पावों तले रौंदा जा रहा था । शताब्दियों से बार बार मुगलों से हारने तथा अपमानित होने के कारण हिंदुओं ने सोच लिया था कि मुगल हम लोगों के ऊपर शासन करने ही के लिये पैदा हुए हैं, और उन्हें ईश्वर की ओर से भारत का शासन करने का अधिकार मिला है। हिंदुओं की तलवारें टूट गई थीं और उनकी ढाले फट गई थीं । फिर भी मरहठे उठे और मुगलों का सामना करके एक ऐसी लड़ाई में विजय प्राप्त की जैसी लड़ाई का सामना इसके पूर्व हिंदुओं को कभी नहीं करना पड़ा था। हूण और शक यद्यपि भारतवर्ष के भीतर पुर्तगेज़ों की तरह घुस आये थे, किंतु वे मुगलों की तरह सारे भारतवर्ष को अधीन करने में असमर्थ रहे थे । हिंदूधर्म पर जैसा आक्रमण हठधर्मी मुसलमानों और पुर्तगेज़ों का मरहठों के समय में हुआ वैसा आक्रमण हिंदू-राष्ट्रीय-गौरव और जातीय जीवन पर तोरामन और रुद्रमन के शासनकाल में भी नहीं हुआ होगा । जिन शूरवीरों ने अपनी धीरता, स्वार्थत्याग और उत्साह द्वारा अपनी मातृ-भूमि और अपने धर्म को हूण और शकों के शासन से मुक्त किया वे अवश्य प्रशंसा के पात्र हैं और हम हिंदूमात्र उन योद्धाओं और नीतिज्ञों के ऋणी हैं। वे हमारे गलों को विदेशियों के पंजे से छुड़ाकर ही शान्त न रहे, वरन् उन्होंने एक शक्तिशाली हिंदू-साम्राज्य स्थापित किया, जिसे मगध या मालवा कहते हैं। चंद्रगुप्त, विक्रमादित्य या शालिवाहन की अध्यक्षता मे जो साम्राज्य स्थापित हुए थे यद्यपि हमारे प्रांतों को विजय करके और हमारे पूर्वजों के रक्तपात से स्थापित किये गये थे तथापि हम में से प्रत्येक का कर्त्तव्य है कि जो

हिन्दू पद-पादशाही (मराठा साम्राज्य एवं हिन्दू पुनरुत्थान इतिहास) · पृष्ठ 225, कुल 254 में से · BharatKosha