भारतकोश
हितोपदेशः (हिन्दी अनुवाद सहित)

हितोपदेशः (हिन्दी अनुवाद सहित)

नारायण पण्डित द्वारा

स्रोत: हितोपदेशः (हिन्दी अनुवाद सहित) · चौखम्बा विद्याभवन · 2017 (उद्गम)

DevanagariHindipublished302 पृष्ठ

पृष्ठ 153, कुल 302 में से

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पृष्ठ 153

-१२३ ] छोटेसे शशककी युक्तिसे बलिष्ठ सिंहकी मृत्यु १३३ गभीरकूपं दर्शयितुं गतः। तत्रागत्य 'स्वयमेव पश्यतु स्वामी' इत्युक्त्वा तस्मिन्कूपजले तस्य सिंहस्यैव प्रतिबिम्बं दर्शितवान् , ततोऽसौ क्रोधाध्मातो दर्पात्तस्योपर्यात्मानं निक्षिप्य पञ्चत्वं गतः। अतोऽहं ब्रवीमि- "बुद्धिर्यस्य" इत्यादि' ॥ वायस्याह- 'श्रुतं मया सर्वम्। संप्रति यथा कर्तव्यं तद्ब्रूहि ।' वायसोऽ- वदत् - 'अत्रासन्ने सरसि राजपुत्रः प्रत्यहमागत्य स्नाति । स्नानसमये तदङ्गादवतारितं तीर्थशिलानिहितं कनकसूत्रं चञ्च्वा विधृत्यानीयास्मिन्कोटरे धारयिष्यसि ।' अथ कदाचित्स्नातुं जलं प्रविष्टे राजपुत्रे वायस्या तदनुष्ठितम् । अथ कनक- सूत्रानुसरणप्रवृत्तै राजपुरुषैस्तत्र तरुकोटरे कृष्णसर्पो दृष्टो व्यापादितश्च । अतोऽहं ब्रवीमि- "उपायेन हि यच्छक्यम्" इत्यादि ॥' करटको ब्रूते-'यद्येवं तर्हि गच्छ । शिवास्ते सन्तु पन्थानः ।' ततो दमनकः पिङ्गलकसमीपं गत्वा प्रणम्योवाच- 'देव ! आत्ययिकं किमपि महाभयकारि कार्यं मन्यमानः समा- गतोऽस्मि। इसलिये धीरे धीरे चलता हूं. पीछे सिंहभी भूखके मारे झुंझला कर उससे बोला-'तू किसलिये देर करके आया है ? शशक बोला-'महाराज ! मैं अपराधी नहीं हूं, मार्गमें आते हुए मुझको दूसरे सिंहने बलसे पकड लिया था । उसके सामने फिर लौट आनेकी सौगन्द खा कर स्वामीको जतानेके लिये यहां आया हूं.' सिंह क्रोधयुक्त हो कर बोला-'शीघ्र चल कर दुष्टको दिखला कि वह दुष्ट कहां बैठा है.' फिर शशक उसे साथ ले कर एक गहरा कुआ दिखलानेको ले गया । वहां पहुंच कर "स्वामी ! आपही देख लीजिये" यह कह कर उस कुएके जलमें उसी सिंहकी परछांही दिखला दी. फिर वह क्रोधसे दहाड़ कर घमंडसे उसके ऊपर अपनेको गिरा कर मर गया । इसलिये मैं कहता हूं-"जिसकी बुद्धि है" इत्यादि ।' कागली बोली-'मैंने सब सुन लिया. अब जो करना है सो कहो ।' फिर काग बोला-'यहां पासही सरोवरमें राजपुत्र नित्य आ कर स्नान करता है । स्नानके समय उसके अंगसे उतार कर घाट पर धरे हुए सोनेके हारको चोंचसे पकड़ इस बिलेमें ला कर धर दीजियो ।' पीछे एक दिन राजपुत्रके नहानेके लिये जलमें उतरने पर कागलीने वही किया. फिर सोनेके हारके पीछे

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