भारतकोश
इच्छानुसार संतान

इच्छानुसार संतान

Ichhanusar Santan

बीरेन्द्र गुप्त (Virendra Gupta) द्वारा

स्रोत: Mumukshu Bhawan Varanasi Collection - इच्छानुसार सन्तान · अश्विनी कुमार, प्रकाशन मन्दिर / वीरेन्द्र नाथ (उद्गम)

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को सोते समय सिर पर मलने से सिर के बाल गिरने से रुक जाते हैं और मजबूत हो जाते हैं।

२०-सौफ एक तोला, गुलाब पुष्प ॥ तोला, मिश्री २ तोला का चूर्ण ३ माशा नित्य सेवन करने से नेत्र ज्योति बढ़ाता है।

२१-त्रिफले के जल से नेत्र धोने पर ज्योति बढ़ती है।

२२-शुद्ध बादाम का तेल सप्ताह में दो बार कान में डालना चाहिए।

२३-तोमड़ के बीज ४ तोला, हल्दी पिसी १ तोला, काली मिर्च २ तोला, फिटकरी की खील १ तोला, नमक १ तोला सबको कूटकर मंजन बना लें दांतों के लिए उत्तम है।

२४-काली मिर्च १ तोला, मिश्री २ तोला कूटकर चूर्ण कर लें इसे मुख में डालने से बैठा कंठ ठीक हो जाता है।

२५-बारी रत्न चूर्ण- सौंठ १ तोला, शतावर १ तोला, असगंध नगीरी १ तोला, अजवायन देसी १ तोला, मिश्री ४ तोला, सबको बारीक कूटकर रख लें मात्रा, ४ माशा नो दूध से दोनों समय। लाभ स्त्रियों के रजः और गर्भाशय सम्बन्धी समस्त रोगों को दूर करता है। प्रभव के पश्चात् २ मास तक सेवन करने से शरीर पुष्ट और निरोगी होता है और दूध अधिक उत्तरता है।

२६-शीशम के हरे पत्ते २ तोले, मिट्टी के पात्र में एक छटांक मल करके उसमें रात्रि को भिगो दें। प्रातः पत्तों को मसल कर उसका जल छान कर एक तोला निकाल लें उसमें थोड़ा मीठा मिलाकर देने से स्त्रियों का प्रदर रोग ठीक होता है।

२७-सुपारी पाक- दक्षिणी सुपारी चिकनी १० तोला को बारीक कूटकर २ सेर गाय के दूध में डालकर मन्द-मन्द आग पर ही पकायें जब सारा दूध सूख जाय तो उसमें छोटी माई, बड़ी माई, कमरकस ५-५ तोला, मिश्री १० तोला इनको बारीक कूटकर उपरोक्त पाक में मिला दें। मात्रा ६ माशा प्रातः, ६ माशा

इच्छानुसार सन्तान

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वीरेन्द्र गुप्तः

CC-0. Mumukshu Bhawan Varanasi Collection. Digitized by eGangotri

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