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इच्छानुसार संतान

इच्छानुसार संतान

Ichhanusar Santan

बीरेन्द्र गुप्त (Virendra Gupta) द्वारा

स्रोत: Mumukshu Bhawan Varanasi Collection - इच्छानुसार सन्तान · अश्विनी कुमार, प्रकाशन मन्दिर / वीरेन्द्र नाथ (उद्गम)

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का जाप ऐसा काम करेगा जैसा 'सोने पर सुहागा'। इसलिये निश्चित समय तथा निश्चित स्थान पर नित्य एक घण्टा गायत्री मन्त्र का जाप तीन वर्ष तक बच्चे से करायें। प्रत्येक आयु के व्यक्ति इस साधना से लाभ उठा सकते हैं।

गर्भवती स्त्री प्रातः सूर्योदय से पूर्व एवं सूर्यास्त के पश्चात् गायत्री मन्त्र का मानसिक जाप करे तो उस गर्भ से उत्पन्न बालक तेजस्वी, चतुर, बुद्धिमान, विद्वान्, यशस्वी तथा दीर्घजीवी होगा।

आलसी, रोगी, चिड़चिड़ें और कुबुद्धि बालकों को माता अपनी गोद में बैठाकर मन ही मन में गायत्री मन्त्र का जाप करें। यदि बालक छोटा हो तो माता अपना दूध बालक को पिलाती रहें और यदि बालक बड़ा हो तो उसके सिर तथा समस्त शरीर पर हाथ फेरती रहें। इस प्रकार गायत्री मन्त्र के जाप से बालक पर आश्चर्य जनक प्रभाव पड़ता है और समस्त व्याधियों से शीघ्र मुक्त होकर बुद्धिमान और चतुर हो जाता है।

। इति ।।

इच्छानुसार सन्तान

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वीरेन्द्र गुप्तः

CC-0. Mumukshu Bhawan Varanasi Collection. Digitized by eGangotri