जातक पारिजात (वैद्यनाथ दीक्षित - शास्त्रीय होरा फलित, राजयोग एवं आयुर्दाय सटीक)

जातक पारिजात (वैद्यनाथ दीक्षित - शास्त्रीय होरा फलित, राजयोग एवं आयुर्दाय सटीक)
Jataka Parijata of Vaidyanatha Dikshita with Commentary
वैद्यनाथ दीक्षित (टीकाकार: पं. कपिलेश्वर शास्त्री एवं पं. मातृप्रसाद शास्त्री) द्वारा
DevanagariHindipublished588 पृष्ठ
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ाः । अलिद्वितीयो" - check.
- L15: "मृगलेपपूर्वः क्रमेण पाशो निगलो विहङ्गः" ।" - check.
- L16: "इत्यनेन श्लोकेन (५ अ.। ५५ श्लो०)" - check.
- L23: "लग्ने रविशनिभौमाः शुक्रगृहे सप्तमे शशी क्षीणः ॥" - check.
- L24: "दृष्टो न देवगुरुणा सप्तभिरष्टभिरब्दकैर्वा स्यात् ॥ ४६ ॥" - check.
- L30: "सप्तमो राशिस्तुलेति 'शुक्र-" - notice single quote before शुक्र.
- L31: "गृहे सप्तमे कथितम् । केचित्तु सप्तमे भावे" - check.
- L31: "व्याख्यायन्ति" - check.
- L32: "परञ्च न तन्मन्मतम् ।" - check ("तन्मन्मतम्").
Everything looks extremely accurate and faithful to the source.१०४ सटीकजातकपारिजाते- चन्द्रमा देखता हो और लग्नेशपर चन्द्रमाकी दृष्टि हो तो जातककी छः वर्षकी आयु होती है ॥ ४४ ॥ अथ सप्तमेऽब्दे मरणम् । लग्ने यद्देष्का