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जातक पारिजात (वैद्यनाथ दीक्षित - शास्त्रीय होरा फलित, राजयोग एवं आयुर्दाय सटीक)

जातक पारिजात (वैद्यनाथ दीक्षित - शास्त्रीय होरा फलित, राजयोग एवं आयुर्दाय सटीक)

Jataka Parijata of Vaidyanatha Dikshita with Commentary

वैद्यनाथ दीक्षित (टीकाकार: पं. कपिलेश्वर शास्त्री एवं पं. मातृप्रसाद शास्त्री) द्वारा

DevanagariHindipublished588 पृष्ठ

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और शुक्र एक राशिमें हों तो मन्त्री, धनी, प्रतापसे दूसरोंLine 3:को दण्ड देनेवाला होवे। सूर्य, बुध, चन्द्र, गुरु, और शनि एकत्र हों तो पराश्रमोपजीवी, विशेषLine 4:डरपोक, पाप करनेवाला, और उग्रवृत्ति वाला होवे ॥ २९ ॥Line 5:बुध, शनि, चन्द्रमा, शुक्र और सूर्य एकत्र हों तो धन-हीन, दीर्घ आकृति, पुत्ररहितLine 6:और बहुत रोगवान् हो । बृहस्पति, चन्द्रमा, शुक्र, सूर्य और शनि एकत्र हों तो वह स्त्रीLine 7:सहित वाचाल, इन्द्रजाल करनेमें चतुर, भयरहित और शत्रु युत होवे ॥ ३० ॥Line 8:शुक्र, मंगल, सूर्य, गुरु और बुध एकत्र हों तो शोकरहित, सेना और घोड़ोंका स्वामीLine 9:और अन्य स्त्रीमें चञ्चल हो । मंगल, गुरु, रवि, बुध और शनि एकत्र हों तो मिष्टासेWait, line 9:मिष्टासेorमिष्ठासे? Look at line 9: मिष्ठासेorमिष्टासे? It has 'ष्ठ': मिष्ठासे! Line 10: भोजन, मलीन-पुराना वस्त्र धारण करनेवाला होवे ॥ ३१ ॥Line 11:शुक्र