भारतकोश
जातक पारिजात (वैद्यनाथ दीक्षित - शास्त्रीय होरा फलित, राजयोग एवं आयुर्दाय सटीक)

जातक पारिजात (वैद्यनाथ दीक्षित - शास्त्रीय होरा फलित, राजयोग एवं आयुर्दाय सटीक)

Jataka Parijata of Vaidyanatha Dikshita with Commentary

वैद्यनाथ दीक्षित (टीकाकार: पं. कपिलेश्वर शास्त्री एवं पं. मातृप्रसाद शास्त्री) द्वारा

DevanagariHindipublished588 पृष्ठ

पृष्ठ 297, कुल 588 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 297

द्वयादिग्रहयोगाध्यायः ॥८॥ २७१ होता है। बृहस्पति-मंगल-चन्द्रमा-रवि-बुध-शनि एक राशिमें हों तो चोर, परस्त्रीमें रत, कोढ़ी, बाँधवोंसे दूषित, पुत्र-रहित, मूर्ख और विदेशी होवे ॥ ३७ ॥ मंगल-सूर्य-चन्द्र-शुक्र-शनि-बुध एक राशिमें हों तो जातक नीच, दूसरेके कर्ममें लीन, क्षय और पीनस दुःखसे दुःखी हो। शुक्र-शनि-मंगल-सूर्य-बृहस्पति-चन्द्रमा एक राशिमें हों तो मन्त्री, स्त्री-धन-पुत्र-हर्षसे हीन और शान्त होवे ॥ ३८ ॥ अथ मेषादिराशिस्थग्रहफलम् जातः स्वल्पधनंस्तु गानरसिको विद्याधनैःक्लेशधी- रज्ञः सर्वकलारसज्ञचतुरो हैरण्यकैः साहसी । सम्पूज्यः कुवणिजत्क्रियासु कुशलः पुत्रादिभाग्यैश्च्युतः श्रीमाँस्तोयकृषिक्रियादिभिरिने मेषादिराशिस्थिते ॥ ३९ ॥ स्वर्क्षे भूपकृषिक्रियाटनधनः,