भारतकोश
जातक पारिजात (वैद्यनाथ दीक्षित - शास्त्रीय होरा फलित, राजयोग एवं आयुर्दाय सटीक)

जातक पारिजात (वैद्यनाथ दीक्षित - शास्त्रीय होरा फलित, राजयोग एवं आयुर्दाय सटीक)

Jataka Parijata of Vaidyanatha Dikshita with Commentary

वैद्यनाथ दीक्षित (टीकाकार: पं. कपिलेश्वर शास्त्री एवं पं. मातृप्रसाद शास्त्री) द्वारा

DevanagariHindipublished588 पृष्ठ

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ग्नं (र) 3: हो (भ) Sragdhara: म्रभ्नैर्यत्त्रिमुनियतियुता स्रग्धरा कीर्तितेयम् (21 syllables, pauses at 7, 7, 7). Let's check 7-7-7: 1-7: लग्नं होरा दृकाणं (7) 8-14: स्वरनवदशक (wait, स्वर-नव-द-श-क = 6? द्वादशांशाः = 4? स्वर (2) नव (2) दशक (3) = 7!) 15-21: द्वादशांशाः कलांशाः (7!) Line 25: त्रिंशत्षष्ट्यंशकाख्या व्यथदुरितचयश्रीकरा मानवानाम् ॥ (21 syllables!) 1-7: त्रिंशत्षष्ट्यंशकाख्या (7) 8-14: व्यथदुरितचय (7) 15-21: श्रीकरा मानवानाम् (7) Beautiful! It is perfectly Sragdhara!

Now let's check lines 26-27: Line 26: "होरा राश्यर्धमोजे दिनकरशशिनोरिन्दुमार्त्तण्डहोरे (२)" Meter: हो-रा-रा-श्यर्ध-मो-जे (7) दि-न-क-र-श-शि-नो