भारतकोश
जातक पारिजात (वैद्यनाथ दीक्षित - शास्त्रीय होरा फलित, राजयोग एवं आयुर्दाय सटीक)

जातक पारिजात (वैद्यनाथ दीक्षित - शास्त्रीय होरा फलित, राजयोग एवं आयुर्दाय सटीक)

Jataka Parijata of Vaidyanatha Dikshita with Commentary

वैद्यनाथ दीक्षित (टीकाकार: पं. कपिलेश्वर शास्त्री एवं पं. मातृप्रसाद शास्त्री) द्वारा

DevanagariHindipublished588 पृष्ठ

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..." wait, is there an anusvara on चतुर्थेश? No, "चतुर्थेश-दशमभावगतखेटौ बलिष्ठौ धर्मेशदृष्टौ वा धर्मेशयुक्तौ वा परस्परक्षेत्रगतौ".

L31: (चतुर्थेशो दशमगतग्रहगृहे दशमगतग्रहश्चतुर्थभावे) भवेतां तदा योगः सिंहासनप्रदः ॥ १२९॥

L32: उक्तेषु योगेषु जातो नरः सिंहासनारूढः ( राजासनगतः ) भवति । कदा भवतीत्येतदर्थं Wait, look at "( राजासनगतः )": does it have spaces inside brackets? "( राजासनगतः )" - yes.

L33: 'तद्दशान्तर्दशाकाले' इत्याद्युक्तम् । यो यो ग्रहः कारको भवति तत्तद्ग्रहदशान्तर्दशायां तत्फलं Wait, look at 'तद्दशान्तर्दशाकाले': Single quotes or double quotes? In L33: 'तद्दशान्तर्दशाकाले' - single quote!

L34: वाच्यमिति भावः ॥ १३० ॥

L35: लग्न-केन्द्रमें शुभग्रह हो, धर्म स्थानमें उच्चगत ग्रह हो, द्वितीयेश केन्द्रमें हो तो सिंहा- Wait, "धर्म स्थानमें" or "धर्मस्थानमें"? There is a space: "धर्म स्थानमें". "सिंहा-" with hyphen at

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