भारतकोश
जातक पारिजात (वैद्यनाथ दीक्षित - शास्त्रीय होरा फलित, राजयोग एवं आयुर्दाय सटीक)

जातक पारिजात (वैद्यनाथ दीक्षित - शास्त्रीय होरा फलित, राजयोग एवं आयुर्दाय सटीक)

Jataka Parijata of Vaidyanatha Dikshita with Commentary

वैद्यनाथ दीक्षित (टीकाकार: पं. कपिलेश्वर शास्त्री एवं पं. मातृप्रसाद शास्त्री) द्वारा

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४२२ सटीकजातपारिजाते- राशौ = मेषवृश्चिकान्यतरराशौ सति जाया=स्त्री, दासी=भृत्या भवति । एतदुक्तं भवति । पुरुषस्य सप्तमे भावे भौमांशे वा भौमराशौ सति तस्य स्त्री दासी भवति । एवं स्त्रिया जन्मलग्ने भौमांशे वा भौमराशौ सति सा स्त्री दासी स्यादिति । तस्मिन्नेव भावे नीच- मूढग्रहांशे = नीचं गतस्यास्तं गतस्य वा ग्रहस्य नवांशे सति स्त्री दुष्टा = दुराचारिणी, अथवा यौवने = युवावस्थायां भर्तृहीना=मृतभर्त्तृका ( विधवा ) भवति ॥ ७ ॥ पुरुषके जन्मलग्नसे सप्तम भावमें तथा स्त्रियोंके जन्मलग्नमें मङ्गलका नवांश या राशि हो तो स्त्री दासी होवे । यदि उसमें नीचगत ग्रहका या अस्त ग्रहका नवांश हो तो स्त्री दुष्टा या युवा अवस्था में विधवा होवे ॥ ७ ॥ शुभांशराशौ यदि सद्गुणाढ्या शुभेक्षिते चारुतरं कलत्रम् । चन्द्रांशके दुर्बलचन्द्रराशौ जाता पतिघ्नी

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