जातक पारिजात (वैद्यनाथ दीक्षित - शास्त्रीय होरा फलित, राजयोग एवं आयुर्दाय सटीक)

जातक पारिजात (वैद्यनाथ दीक्षित - शास्त्रीय होरा फलित, राजयोग एवं आयुर्दाय सटीक)
Jataka Parijata of Vaidyanatha Dikshita with Commentary
वैद्यनाथ दीक्षित (टीकाकार: पं. कपिलेश्वर शास्त्री एवं पं. मातृप्रसाद शास्त्री) द्वारा
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५०२ सटीकजातकपारिजाते- अथापसव्य- १, ध-न-क्षे-त्र-प-रा-ङ्ग-मि-च ॥ २, ता-सा-द-त्र-क्षु-र्नि-धि-र्दा-सा ॥ ५, त्र-क्षु-र्नि-धि-दा-स-स्त-मे-च ॥ ६, गि-रा-यु-ध-न-ङ्ग-त्र-प-रः ॥
| नक्षत्राणि | पादाः | जीवाधिपः | अथ कालचक्रदशा-<br>अपसव्यनक्षत्राणि—४,५,६,१०, | |||
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| रोहिणी ४, मघा १०,<br>विशाखा १६, श्रवण २२, | १ | वृ. | ध=९<br>वृ=१० | न=१०<br>श=४ | क्षे=११<br>श=४ | त्र=१२<br>वृ=१० |
| २ | बु. | ता=६<br>बु=९ | सा=७<br>शु=१६ | द=८<br>मं=७ | त्र=१२<br>वृ=१० | |