जातक पारिजात (वैद्यनाथ दीक्षित - शास्त्रीय होरा फलित, राजयोग एवं आयुर्दाय सटीक)

जातक पारिजात (वैद्यनाथ दीक्षित - शास्त्रीय होरा फलित, राजयोग एवं आयुर्दाय सटीक)
Jataka Parijata of Vaidyanatha Dikshita with Commentary
वैद्यनाथ दीक्षित (टीकाकार: पं. कपिलेश्वर शास्त्री एवं पं. मातृप्रसाद शास्त्री) द्वारा
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कालचक्रदशाध्यायः ॥१७॥ ५०१ सव्यमार्गवाक्यानि १५, १९, २०, २१, २५, २६, २७, इति पञ्चदश ।
| ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | परमायुर्वर्षाणि | जीवाधिपाः | राशयः |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| मा=५ सू=५ व | ता=६ बु=९ व | स=७ शु=१६ व | हो=८ मं=७ व | धी=९ बृ=१० च | १०० व. | बृ. | मेषः |
| सी=७ शु=१६ च | च=६ बु=९ व | र्व=४ चं=२१ | ण=५ सू=५ व | गः=३ बु=९ व | ८५ व. | बु. | वृषः |
| र्नि=१० श=४ | धा=९ बृ=१० | य=१ मं=७ | रं=२ शु=१६ | गं=३ बु=९ | ८३ व. | बु. | मिथुनं |
| द=८ मं=७ | धि=९ बृ=१० | न=१० श=४ | क्ष=११ श=४ | त्रं=१२ बृ=१० | ८६ व. | बृ. | कर्कः |
| शां=५ सू=५ | ब=३ बु=९ | र=२ शु=१६ | प=१ मं=७ | त्रं=१२ बृ=१० | १०० व. | बृ. | सिंहः |
| र=२ शु=१६ | शो=३ बु=६ | भी=४ चं=२१ | मा=५ सू=५ | च=६ बु=९ | ८५ व. | बु. | कन्या |
| क्ष=११ श=४ | त्र=१२ बृ=१० | ज=८ मं=७ | सि=७ शु=१६ | तः=६ बु=९ | ८३ | बु. | तुला |
| को=१ मं=७ | त्र=१२ बृ=१० | श्चु=११ श=४ | र्नि=१० श=४ | धिः=९ बृ=१० | ८६ | बृ. | वृश्चिकः |
| मा=५ सू=५ | ता=६ बु=९ | स=७ शु=१६ | हो=८ मं=७ | धी=९ बृ=१० | १०० | बृ. | धनुः |
| सी=७ शु=१६ | च=६ बु=९ | र्व=४ चं=२१ | ण=५ सू=५ | गः=३ बु=९ | ८५ | बु. | मकरः |
| र्नि=१० श=४ | धा=९ बृ=१० | य=१ मं=७ | रं=२ शु=१६ | गं=३ बु=९ | ८३ | बु. | कुम्भः |
| द=८ मं=७ | धि=९ बृ=१० | न=१० श=४ | क्ष=११ श=४ | त्रं=१२ बृ=१० | ८६ | बृ. | मीनः |