भारतकोश
जातक पारिजात (वैद्यनाथ दीक्षित - शास्त्रीय होरा फलित, राजयोग एवं आयुर्दाय सटीक)

जातक पारिजात (वैद्यनाथ दीक्षित - शास्त्रीय होरा फलित, राजयोग एवं आयुर्दाय सटीक)

Jataka Parijata of Vaidyanatha Dikshita with Commentary

वैद्यनाथ दीक्षित (टीकाकार: पं. कपिलेश्वर शास्त्री एवं पं. मातृप्रसाद शास्त्री) द्वारा

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५०० सटीकजातकपारिजाते- अथ कालचक्रदशा— सव्यनक्षत्राणि—१, २, ३, ७, ८, ९, १३, १४,

नक्षत्राणिपादाःदेहाधीशाः
अश्विनी १, पुनर्वसु ७, हस्त १३, मूल १९, पूर्वभाद्र २५मं.पो=१<br>मं=७ चरं=२<br>शु=१६चगा=३<br>बु=९ चबो=४<br>चं=२१च
^श.न=१०<br>श=४ चक्ष=११<br>श=४ चत्र=१२<br>वृ=१०दा=८<br>मं=७ च
^शु.रू=२<br>शु=१६पो=१<br>मं=७त्र=१२<br>वृ=१०क्षु=११<br>श=४
^चं.वा=४<br>चं=२१णी=५<br>सू=५च=६<br>बु=९स्थं=७<br>शु=१६
भरणी २ पुष्य ८ चित्रा १४ पूर्वाषाढ २० उत्तरभाद्र २६मं.हं=८<br>मं=७स=७<br>शु=१६श्र=६<br>बु=९व=४<br>चं=२१
^श.क्ष=११<br>श=४ज्ञा=१०<br>श=४धी=९<br>वृ=१०क=१<br>मं=७
^शु.सु=७<br>शु=१६द्=८<br>मं=७थि=९<br>वृ=१०न=१०<br>श=४
^चं.चा=४<br>चं=२१मां=५<br>सू=५गा=३<br>बु=९र=२<br>शु=१६
कृ ३ श्लेषा ९ स्वाती १५ उत्तराषाढ़ २१ रेवती २७मं.पौ=१<br>मं=७रं=२<br>शु=१६गा=३<br>बु=९बो=४<br>चं=२१
^श.न=१०<br>श=४क्ष=११<br>श=४त्र=१२<br>वृ=१०दा=८<br>मं=७
^शु.रू=२<br>शु=१६पो=१<br>मं=७त्र=१२<br>वृ=१०क्षु=११<br>श=४
^चं.वा=४<br>चं=२१णी=५<br>सू=५च=६<br>बु=९स्थं=७<br>शु=१६