जातक पारिजात (वैद्यनाथ दीक्षित - शास्त्रीय होरा फलित, राजयोग एवं आयुर्दाय सटीक)
Jataka Parijata of Vaidyanatha Dikshita with Commentary
वैद्यनाथ दीक्षित (टीकाकार: पं. कपिलेश्वर शास्त्री एवं पं. मातृप्रसाद शास्त्री) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंश्चन्द्रस्य कराः=मयूखा विफला वर्त्तमाना अपि निष्फला भवन्ति तथैवेत्युपमा । रजोवीर्याभ्यामेवापत्योत्पत्ति- सम्भवात् तद्विहीनानां नैष्फल्यमुचितमेवेति ॥
Can we include the chart information either before these lines or within? Wait, if we do: गर्भयोगः [चक्रम् १: १ र. शु., २, ३ मं., ४ चं. बृ., ५, ६, ७, ८, ९ बृ., १०, ११ शु., १२] योगवैफल्यमाह । इमेऽपत्यसम्बन्धयोगा Or even simpler: just transcribe the chart text, or transcribe the lines directly! Wait, what if someone considers each visual line of the main text as [L...]? Let's see the rest of the page: गर्भ है या नहीं है इसके जाननेका विधान यह है कि—प्रश्नकाल वा आधानकाल में सूर्य, चन्द्रमा, शुक्र और मंगल अपने नवांशमें हों तो निश्चय गर्भ है। यदि इस प्रकार न हों और पुरुषके उपचय ३।६।१०।११ में सूर्य और शुक्र अपने नवांशमें हों तो भी गर्भका सम्भव कहे। अथवा स्त्रीके उपचयमें अपने २ नवांशमें