काल मीमांसा (स्वामी करपात्री जी महाराज - काल-तत्त्व, मुहूर्त एवं युगाब्द दार्शनिक मीमांसा)
Kaal Mimansa of Dharma Samrat Swami Karpatri Maharaj
धर्मसम्राट् स्वामी करपात्री जी महाराज द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें( ६८ ) 'भारत सावित्री' का यह वचन नक्षत्र गणना की दृष्टि से महाभारत के प्रति- कूल है। यद्यपि हेमन्त ऋतु का प्रथम मास मार्गशीर्ष होता है। 'शरदन्ते हिमागमे' ( उद्योग० ८३।७ ) इस पूर्वोक्त वचन के अनुसार भगवान् श्रीकृष्ण ने शरद् ऋतु के अन्त और हेमन्त के शुभागमन पर उपप्लव्य से हस्तिनापुर के लिए प्रस्थान किया था। रेवती नक्षत्र को देखते हुए तथा ज्येष्ठा में मार्गशीर्ष की अमावास्या को देखते हुए 'कौमुदे मासि रेवत्यां शरदन्ते हिमागमे' का अर्थ पूर्वरीत्या मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी सिद्ध होता है। मार्गशीर्ष कृष्णपक्ष में दो तिथियों का क्षय सिद्ध होने के कारण कार्तिक शुक्ल एकादशी से प्रारम्भ होने वाली हेमन्त ऋतु का प्रथम मास शुक्ल त्रयोदशी को पूर्ण होता है। अतः 'हेमन्ते प्रथमे मासे शुक्लपक्षे त्रयोदशी' यह सावित्री-वचन सर्वथा सत्य है। परन्तु 'प्रवृत्तं भारतं युद्धं नक्षत्रं यम दैवतम्' इस वचन के सम्बन्ध में यह विचार उपस्थित होता है कि यम देवता सम्बन्धी प्रसिद्ध नक्षत्र भरणी है। भरणी से श्रवण इक्कीसवें स्थान पर है। इधर भारत सावित्री को मार्गशीर्ष शुक्ल त्रयोदशी से पौष अमावास्या तक ही युद्ध मान्य है। अस्तु ! अठारह दिनों का लगातार युद्ध भरणी से प्रारम्भ होने पर मूल नक्षत्र में पूर्ण होना चाहिये । मूल में पौष अमावास्या मानने पर पुनर्वसु में पौष पूर्णिमा भी उचित ही है। परन्तु तिथिक्षय अमान्य होने पर तीन नक्षत्रों के क्षय की कल्पना भी सर्वथा अशक्य है। अतः मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी की तरह ही मार्गशीर्ष शुक्ल त्रयोदशी वाला पक्ष भी महाभारत के विपरीत सिद्ध होता है। कहा जा सकता है कि क्योंकि श्रवण से मृगशिरा सत्रहवें स्थान पूर्व है, अतः यम का अर्थ युग्म करके मृगशिरा को ही यम देवता सम्बन्धी नक्षत्र मानकर युद्धारम्भ माना जाय। परन्तु ऐसा मानने पर दो विघ्न उपस्थित होते हैं। प्रथम यह कि मृगशिरा के चन्द्रमा अधिपति हैं। यम से युग्म का यकार और मकार की दृष्टि से पाठ साम्य होने पर भी यम से चन्द्र का पाठतः अथवा अर्थतः साम्य नहीं सिद्ध होता । यदि श्रीनीलकण्ठाचार्य के शब्दों में मृगशिरा का पूर्वार्द्ध और उत्तरार्द्ध राशिगत दो विभाग कर पूर्वार्द्ध में वृष और