भारतकोश
कबीर मन्शूर (स्वसंवेदार्थ प्रकाश)

कबीर मन्शूर (स्वसंवेदार्थ प्रकाश)

Kabir Manshoor (Svasamvedarth Prakash)

कबीर साहेब द्वारा

स्रोत: कबीर मन्शूर स्वसंवेदार्थ प्रकाश · खेमराज श्रीकृष्णदास (उद्गम)

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मिटादेगा । इस भयसे फ़िरऊन नितान्तही भयभीत हुवा । इब्रानियोंके बच्चोंको मारने लगा । सदैव ज्योतिषियों पण्डितोंसे पूछा करता था कि, वह बालक किस दिवस और किस समय गर्भमें आवेगा । तब उन लोगोंने बतलाया कि, अमुक दिवस रात्रिके समय वह बालक गर्भमें आवेगा । जिस दिन इन लोगोंने बतलाया था उस रात्रिके दिवस फ़िरऊनने आज्ञा दी कि, कोई पुरुष स्त्रीसे संभोग करने न पावे । समस्त इब्रानियोंको नगरके बाहर निकाल दिया । बड़ी चौकसीसे पहारा खड़ा कर दिया । एक इब्रानी जिसके वीर्यसे मूसा उत्पन्न होनेवाला था उसका नाम उमरान था । इस उमरानको फ़िरऊनने अपनी निजकी पल्लेगके समीप अपने शयनागार में खड़ा कर रक्खा । जब अर्ध निशाका समय हुवा तब एक दूत इस उमरानके निकट उसकी स्त्रीको ले आया, उसने अपनी स्त्रीके साथ संभोग किया । इसके उपरान्त वह दूत उस स्त्रीको उठाकर पुनः उसी स्थानपर उसके गृह रख आया । इस अवसर फ़िरऊन ऐसा घोरनिद्राके वशीभूत हो रहा था कि, उसको तनिक भी सुध न रही कि, वह स्त्री किधरसे आई किधर गई और क्या हुवा ।

जब प्रातःकाल हुआ तब फ़िरऊन पुनः ज्योतिषियों और बुद्धिमानोंसे प्रश्न करने लगा कि, उस बालकका वृत्तान्त कहो ? उन लोगोंने उत्तर दिया कि, वह बालक तो माताके गर्भमें आचुका । मेरी कोई युक्ति नहीं चली । तब दाइयोंको सचेत किया कि, बच्चा उत्पन्न होतेही मार डालो, अन्तमें जब गर्भ-काल समाप्त हुआ तब उमरानकी स्त्रीके गर्भसे एक अत्यंत सुन्दर बालक उत्पन्न हुआ । तब माता पिताने बच्चाके प्रेमसे तीन मासपर्यन्त छिपाकर रक्खा । फिर इनके मनमें इस अत्याचारी बादशाहका भय उत्पन्न हुवा । तब इन्होंने एक सरकण्डेकी टोकरी बनाई उसमें उस बच्चेको रख दिया अपनी पुत्री मरियमसे कहा कि, तू इस टोकरीको बच्चेसहित नीलनदीके तटपर रख आ । तब मरियम गई, उस बालकको नदी तटपर झाऊके वृक्षोंमें रखकर चली आई । मरियम दूर खड़ी होकर देख रही थी कि, देखिए इस बालकको क्या होता है ? इतनेमें क्या देखा कि, फ़िरऊनकी बेटी अपनी लौंडियोंको साथ लिए स्नानार्थ नदी तटपर आपहुँची । उस बच्चेको उस टोकरीमें देखा उसके मनमें उस बच्चेका प्रेम उपजा और दया आई । उसने कहा कि, यह किसी इब्रानीका पुत्र है । अपनी लौंडियोंको आज्ञा दी कि, इस बच्चेको ले चलो । वह अपने गृह ले आई इस बच्चेको अपना मुंहवोला पुत्र मान लिया, इस समस्त घटनाको मरियम दूसरे खड़ी होकर देख रही थी । जब फ़िरऊनकी पुत्री उस बालकको अपने