भारतकोश
कबीर मन्शूर (स्वसंवेदार्थ प्रकाश)

कबीर मन्शूर (स्वसंवेदार्थ प्रकाश)

Kabir Manshoor (Svasamvedarth Prakash)

कबीर साहेब द्वारा

स्रोत: कबीर मन्शूर स्वसंवेदार्थ प्रकाश · खेमराज श्रीकृष्णदास (उद्गम)

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संसारके समस्त नियमोंको बराबर बतलाता जाता था। सांसारिक सद्भावोंके सदृश उसकी आज्ञाएँ बराबर प्रचलित हुवा करती थीं।

हज़रत ईसा।

इन पश्चिमदेशीय अनागत वक्ताओंमें हज़रत ईसा सबमें बड़े श्रेष्ठ हैं। इज्जीलमें हज़रत ईसाकी उत्पत्ति इस प्रकार लिखी है कि, मरियम नामी एक बालिका थी। वह सूरूप नामका एक पुरुषके साथ भौंगी हुई थी। उन दोनोंकी केवल भैंगनी हुई थी विवाह नहीं हुआ था अबलों स्त्री पुरुष एकत्रित नहीं हुए थे कि, जिबराईल फ़िरिस्तःमरियमके समीप आकर उससे कहने लगे कि, ए मरियम ! सलाम, तू धन्य है। तू एक पुत्र प्रसव करेगी, उसका नाम तू ईसा रखना और वह परमेश्वरका पुत्र कहलाएगा। जैसा कि, फ़िरिस्ताने कहा, बिनशादी मरियम गर्भवती हुई उससे पुत्र उत्पन्न किया। जिसका नाम ईसा हुवा।

जैसे मूसाकी हत्याके निमित्त फ़िरऊन, बादशाह उद्यत हुवा था वही घटना हज़रत ईसाके साथ हुई। हेरुदेश बादशाह आपकी हत्याके निमित्त उद्यत हुवा। परमेश्वरने अपना दूत भेजकर बालककी प्राण रक्षा किया।

देखो इज्जीलमें हज़रतने आपको परमेश्वरका पुत्र कहा है इस कारण यहूदी आपके बैरी हो गए शूलीपर चढ़ाया। बत्तीस वर्षके वयसमें आप अपनी कबसे पुनः जीवित होकर तीसरे दिवस सशरीर वैकुण्ठको गए। पश्चिम देशके समस्त महात्माओंसे आप श्रेष्ठ हैं, क्वारीके गर्भसे उत्पन्न भी हुए। स्त्री गर्भकी उत्पत्ति महाभयानक यन्त्रणा है। जो स्त्री गर्भमें आता है वह निश्चय कठिन कष्टका अनुभव करता है जो गर्भमें रहता है उसको तीन प्रकारके ताप घेरते हैं।

(१) प्रियतप वह अत्यंत प्रबल जैसे गरम भट्ठा होता है। इस अग्निसे ऐसे बच्चा जलता है कि, जैसे गरम और लाल तावा हो उसपर किसी जीवको रखदो। वह तड़पता रहे पर उसके प्राण न निकलें।

(२) राद रक्त और भ्रष्टतामें शिरसे पौवपर्यन्त भरा रहता है।

(३) हाथ पौव उसके बंधे रहते हैं वह उल्टा लटका करता है। इन तीन तापोंके कारण वह अत्यंत व्यथित रहता है दुःख पाता है। जब यह गर्भसे बहिर्गत होता है तब मूत्रमार्गसे बाहर निकलता है। निकलनेके समय वायुकी ऐसी चोट लगती है कि, जैसे तीर लगकर शरीरसे पार हो जाता है। इस कष्टसे बालक चिल्ला २ कर रोता है। इस संकीर्ण मार्गसे निकलनेके समय अत्यंत कष्ट होता है कि, उसकी देह छोटी हो जाती है चाहे परमेश्वरका पुत्र हो, चाहे