भारतकोश
कबीर मन्शूर (स्वसंवेदार्थ प्रकाश)

कबीर मन्शूर (स्वसंवेदार्थ प्रकाश)

Kabir Manshoor (Svasamvedarth Prakash)

कबीर साहेब द्वारा

स्रोत: कबीर मन्शूर स्वसंवेदार्थ प्रकाश · खेमराज श्रीकृष्णदास (उद्गम)

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पृष्ठ 488

कबीर साहब कहते हैं कि, इस संसारमें चार पशु हैं। ये पूरे तथा पक्के पशु भीतरी आँखोंसे अंधे हैं। यद्यपि वे बाहरी आँखोंसे देखते हैं तथापि अंधोंके समान समझे जाते हैं। ये चारो पशु, मूर्खता तथा नासमझीके खूंटोंके साथ बंधे पड़े रहते हैं।

नरपशु ।

नरपशु, पशुरूपी वह मनुष्य है जो बिनाजाँचे किसीके कहनेसे विश्वास करके उसका पीछा करे। जैसे किसीने कहा कि, कौवा तेरा कान लिये जाता है तो वे नहीं टटोले पर कौवेके पीछे दौड़े। यह नरपशु अपने मनमें नहीं सोचता कि, मैं उसके कहनेका विश्वास क्यों करूँ मेरे कान तो मेरी देहमें है। पर वह कहता है कि, अमुक मनुष्य जो कहता है उसकी बात मिथ्या कैसे ठहर सकती है? इसी प्रकार यह एक उदाहरण है :—

दृष्टान्त ।

एक राजा था उसके पास एक बड़ा श्रेष्ठ बुद्धिमान मंत्री था। वो राजा तो मूर्ख तथा नरपशु था। उसके मंत्रीका नाम मूच्छु था। इस मंत्रीसे समस्त दरबारी महान् शत्रुता रखते थे। सब चाहते थे कि, मूच्छु किसी प्रकार हट जावे तो हम राजाको भलीभाँति लूटें। पर मूच्छु बड़ा चैतन्य रहता था। बड़ी नमकहलालीके साथ काम किया करता था। राज्यमें किसी प्रकारकी बाधा उपस्थित नहीं होने देता था। एक बार इस राजाको चढ़ाईकी आवश्यकता हुई।

वैरी राजाका दुर्ग बड़ा दृढ़ था कि, उसका टूटना दुष्कर था तब समस्त अन्यान्य कर्मचारियोंने सलाह की कि, इस अवसरपर मूच्छुको भेजना उचित है। जिसमें यह जब वहाँ जावेगा तो निश्चय मारा जावेगा। सबोंने मिलकर राजासे कहा कि, ऐ महाराजा ! आप इस युद्धमें मूच्छु मंत्रीको भेजो तो वह दुर्ग हस्तगत होगा। राजाने कहा मान लिया मूच्छुको भेजा, वह गया। लड़ भिड़कर उस दुर्गको करकवलितकर लिया। समस्त वैरी अधीन हो गए। तब मूच्छुके वैरियोंने आपसमें परामर्श किया कि, अब तो मूच्छु विजयी हुआ। इस राजाके सामने उसकी बड़ी मान मर्यादा होगी। हम लोगोंका निरादर होगा। इस कारण अब कुछ धोखा करना चाहिए। तब इन सबोंने आकर कहा कि, महाराजा ! मूच्छु तो मारा गया। हम लोगोंने दुर्गको विजय कर लिया। मूच्छु भूत हो गया। इस राजाको विश्वास हो गया उसने मूच्छुके स्थान दूसरा मंत्री रख लिया। जब मूच्छुने सुना कि राजाने दूसरा मंत्री रख लिया, तब उसको संसारसे बड़ी घृणा होगई। भगवद्भजनमें लग गया। मूच्छुके वैरियोंने राजाको