भारतकोश
कबीर मन्शूर (स्वसंवेदार्थ प्रकाश)

कबीर मन्शूर (स्वसंवेदार्थ प्रकाश)

Kabir Manshoor (Svasamvedarth Prakash)

कबीर साहेब द्वारा

स्रोत: कबीर मन्शूर स्वसंवेदार्थ प्रकाश · खेमराज श्रीकृष्णदास (उद्गम)

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समान कान होते हैं, उसके नाकके चर्ममें केवल झूलमात्र जान पड़ती है। उसके हाथके अंगूठे छोटे तथा निर्बल जान पड़ते हैं। पाँव के अंगूठे बड़े २ तथा सुदृढ़ जान पड़ते हैं। चार फीटसे अधिक ऊँचा नहीं होता उसकी बुद्धिमानी तथा चातुरीकी अनेक कहानियाँ लिखी हुई हैं।

औरंग औरटंग—एक जातका बन्दर (मलायाका जङ्गली मनुष्य है)। उसको औरङ्ग औरटङ्ग कहते हैं। औरङ्ग नाम एक प्रकारके बन्दरका है, वह एफ्रिका देशका रहनेवाला है। उसको काला औरङ्ग कहते हैं। औटङ्ग बड़ी जातिका बन्दर है यह पाँचफीट ऊँचा होता है। यह लाल और भूरे रङ्गका होता है। औरङ्ग सुमात्रा तथा बोरनियो टापूका रहनेवाला है। इसका यथार्थ नाम बोरनियो है इन टापुओंके बनोमें रहता है। इसी बनमें उसकी अधिकता है, यह पशु कभी कूदता उछलता नहीं है। पर लम्बे लम्बे पग बढ़ाकर एक वृक्षसे दूसरे वृक्षपर चला अवश्य जाता है। यह पशु घोंसलेके समान लकड़ियोंका घेरा बनाता है। एक डालसे लेकर दूसरी डालपर लकड़ियोंको पुष्टतापूर्वक जमाकर बड़ी दृढ़ता और सुन्दरताके साथ अपना मकान बनाता है, इसमें नर-मादा अपने बच्चों सहित स्वतंत्रतापूर्वक रह सकते हैं। यह वृक्षोंके फल और घासोंके दाने खाकर रहता है। कोई कोई अति कटु फल हैं जिनको कि, ये सब खाते हैं, इस देशके रहनेवाले ऐसा कहते हैं कि, औरङ्ग औटङ्ग न किसीपर विजयी होता है और न किसीसे पराजित, पर जब वह जलके किनारे जाता है तो घड़ियाल सचमुचही उसको खाने दौड़ता है। इन बन्दरोंके पूँछ नहीं होती जिससे ये स्पष्ट मनुष्य जान पड़ते हैं कि, ये हूबहू मनुष्य हैं।

गोरला, एनजिना या एगिना—पश्चिमी हृब्रशमें एक प्रकारका बन्दर होता है। उसको अंग्रेजी भाषामें गोरैला कहते हैं। यह उच्च जातिका बन्दर होता है यह स्पष्ट मनुष्य स्वरूप है। पर चेम्पेनजीके स्वरूपसे इसका स्वरूप पृथक् है, इसकी जाति पृथक् है। युवावस्थापर पहुँचकर यह पाँचफीट तकका लम्बा हो जाता है। एफ्रिका देशके भ्रमण करनेवाले महाशयगण इसकी विचित्र कहानी कहा करते हैं, गुरैला चेम्पेनजीसे अधिक लम्बा होता है, युवावस्थातक पहुँचकर पाँच फीट और छःइञ्चका लम्बा होता है तथा युवावस्थापूर्ण होनेपर पाँचफीट आठ इञ्चका भी हो जाता है जो इनमें सबसे बड़े हैं वो छः फीटसे भी अधिक बड़े होते हैं। दबा बलिष्ठ तथा सुदृढ़ होता है। उसका अङ्ग प्रत्यङ्ग तथा दाँत बड़े ही दृढ़ होते हैं। उसके आँख परकी हड्डियाँ ऊँची होती हैं। नरके

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