भारतकोश
कबीर मन्शूर (स्वसंवेदार्थ प्रकाश)

कबीर मन्शूर (स्वसंवेदार्थ प्रकाश)

Kabir Manshoor (Svasamvedarth Prakash)

कबीर साहेब द्वारा

स्रोत: कबीर मन्शूर स्वसंवेदार्थ प्रकाश · खेमराज श्रीकृष्णदास (उद्गम)

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मस्तककी हड्डियां ऊँची खोपड़ी बड़ी तथा उसमें थोड़ा भेजा भी अधिक होता है। उसकी नाक चम्पेनजीसे ऊँची होती है। उसका आकार भयानक मनुष्य कासा होता है। उसके दोनों मोढ़े चौड़े होते हैं उसकी पसलियोंमें तेरह जोड़ हैं। उसका आकार अन्यान्य बन्दरोंकी अपेक्षा मनुष्यसे अधिक मिलता जुलता है। उसके पाँव तथा जाँघ मनुष्योंसे छोटे पर चम्पेन जीसे बड़े होते हैं। जब सीधा खड़ा होता है तो उसका हाथ जाँघ तक पहुँच जाता है। उसके पैर पृथिवी पर चलने योग्य बने हैं। पांवके अँगूठे मनुष्योंके अँगूठोंके समान हैं। उसके हाथ बड़े बड़े तथा बहुत सुदृढ़ हैं। ऊँगलियाँ छोटी छोटी पर बहुत मोटी हैं। इसका चमड़ा काला और बाल कुछ भूरे भूरे होते हैं।

उनमें काले रङ्गकी कुछ मिलावट होती है। उसकी भुजा पर लम्बे-लम्बे बाल होते हैं। उसके मुँहपर भी बाल होते हैं। छातीपर किसी प्रकारके बाल नहीं होते। उसका मोढ़ा बड़ा तथा यहां तक चौड़ा होता है कि, ग्रीवा कठिनतासे दिखाई देती है। उसकी आंखें भीतर घुसी हुई मालूम होती हैं। उसका आकार इतना भयानक होता है कि, जब वह किसीकी ओर देखता है तो भय जान पड़ता है। बहुत खानेवाला है। विशेषतः उसका भोजन साग पात इत्यादि है। उसका पेट बड़ा तथा उभरा हुआ जान पड़ता है। यह प्रायः पृथिवी पर रहता है पर विशेषतः वृक्षोंपर भोजन ढूँढ़ता फिरता है अपने महाबाहुबलसे बचता है। अपने बैरियों तथा हिंसकों को मार हटाता है। इसप्रकारके बन्दर बहुत बड़े घने वनमें रहते हैं बनवासियोंसे बहुत डरते हैं। सरतान तथा जदा नामक स्वतोपर इसकी अधिकता है। उसके दुम नहीं होती। अब तक गुरेला कहीं पाला नहीं गया न घरैला हुआ। उसकी युवावस्थामें उसका पालना अथवा परचा लेना कठिन कार्य है। इसकी बुद्धिमान्नी तथा चातुरीकी अनेक कहानियाँ हैं। पश्चिमी गुरेलाको पकड़ पकड़ कर लोग काम कराते हैं। वहाँके मनुष्य गुरेलाको एनजिना और एगिना कहते हैं, उन बन्दरोंमें संयोगसेही किसी विषयकी विभिन्नता होती है। उनका समस्त शरीर ठीक मनुष्योंकासा जान पड़ता है।

कौरोनकिया और पोस्ती गाम्बी—पश्चिमी हृदयमें कहीं कहीं, यह बात सुनी जाती है कि डीवडी लेकस साहबकी पुस्तकमें लिखा है कि, उनने देशमें दो प्रकारके बन्दर देखे हैं। जो गुरेलासे कुछ छोटे होते हैं। एकका नाम कौरोनकिया दूसरेका नाम पोस्ती गाम्बी। यह दोनों प्रकारके बन्दर अपने निवासार्थ अच्छा मकान बना लेते हैं। छतरीके स्वरूपका उनका घर होता है।

बराबरी एप—एक जातिका बन्दर बरबर देशमें होता है, वह अनेक