कबीर मन्शूर (स्वसंवेदार्थ प्रकाश)
Kabir Manshoor (Svasamvedarth Prakash)
कबीर साहेब द्वारा
स्रोत: कबीर मन्शूर स्वसंवेदार्थ प्रकाश · खेमराज श्रीकृष्णदास (उद्गम)
पृष्ठ 917, कुल 1367 में से
संदर्भ में पढ़ेंमिलनेके लिये चौंच द्वारा द्वारमें सूरालख कर दिया । उसके इस प्रेमके कारण सारे मनुष्य उससे प्रीति करने लगे ।
मानुषी वाक्—एक दिन एक पथिक विनचेष्टरके बनमें चला जाता था । उसमें उसने एक बहुत अचम्भेका शब्द तथा दुःखभरी आवाज सुनी । जैसे कोई कहता हो कि, ऐ महाशय ! न्याय कीजिये न्याय कीजिये, अन्याय न करिये । पथिक इधर उधर देखने लगा कि, कौन सताया हुआ इस बनमें रो रहा है, यह शब्द कहाँसे आता है । यह सुनकर वह अत्यन्त आश्चर्यान्वित हुआ कि, यहाँ तो किसी मनुष्यका चिन्ह मात्र नहीं है । यहाँ मनुष्यका कष्ट स्वर कैसे सुनाई देता है ? वह शब्द सुनकर पथिक उसी ओर चला जहाँसे कि, वह आवाज आती थी । आगे जाकर देखा तो दो कौवे एक कौवेपर आक्रमण कर रहे थे । दोनों वेगपूर्वक उसको मार रहे थे । एक कौवा अपने कष्टके कारण कह रहा था कि, ऐ महाशय न्याय कीजिये अन्याय न कीजिये । जिसपर अत्याचार किया जाता था वह काग कहीं आसपासका था, एक मनुष्यका पलुवा था । ठीक मनुष्यके स्वरमें कह रहा था । पथिकने वहाँ पहुँचकर सताये हुये कौवेको अत्याचारियोंके हाथसे बचा लिया, कौवे भी सिखानेसे अच्छी तरह बातचीत कर सकते हैं ।
चोर—डाक्टर स्टानली साहबने कहा है कि, एक महाशयके अनेक चांदीके चमचे तथा सामान खो गये थे । खानसामाको कुछ पता लगता नहीं था कि, चोर कौवे हैं । न किसीपर कुछ सन्देह ही था । अन्तमें उसने देखा कि, एक पलुवा कौवा मुंहमें चमचा लिये हुए है । खानसामा दूरसे विचारता रहा । जहाँ वह जड़ली कौवा चमचोंको छिपाकर रखता था, वहाँ छिपकर गया । वह स्थान उसने देख लिया, वहाँ बारह चमचे मिले ।
बगुला ।
बगुला अत्यन्त सावधानीके साथ मछलियोंको पकड़ता है । उसमें बहुत बल होता है । फरोटापूके रहनेवाले तथा कोई २ इङ्गलिलस्थानवासी भी ऐसा अनुमान करते हैं कि, यदि कोई बगुलेके पाँवको अपनी जेबमें रखकर आखेट करने जावे तो कृत्यकार्य हो जायगा, बगुलेके पाँवमें एक प्रकारका तेल है । जिसके कारण मछलियोंको अपनी ओर खींच लेता है विशेषतः बाम नामक मछली विशेषकरके उसकी ओर आकर्षित होती है । बगुलेमें एक विचित्र गुण है कि, वो अपनी छातीमेंसे एक प्रकारका प्रकाश निकालता है यह बहुत तीक्ष्ण होता है । उनके शरीरके अनेक स्थानोंपर पंखे नहीं होती उस स्थानमें वह वस्तु भरी होती है जो मछलियोंको खींचकर अपनी ओर लाती है । बगुलोंके