भारतकोश
कबीर सागर (11 भाग संपूर्ण)

कबीर सागर (11 भाग संपूर्ण)

Kabir Sagar (11 Parts Complete)

कबीर साहेब / खेमराज श्रीकृष्णदास द्वारा

स्रोत: खेमराज श्रीकृष्णदास प्रकाशन, बम्बई - कबीर सागर सम्पूर्ण ११ भाग · खेमराज श्रीकृष्णदास (उद्गम)

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पृष्ठ 1453

सत्यमुक्त, आदिअदली, अजर, अचिन्त, पुरुष, मुनीन्द्र, करुणामय, कबीर, सुरति योग, संतान, धनी, धर्मदास, चूरामणिनाम, सुदर्शन नाम, कुलपति नाम, प्रबोध गुरुवालापीर, केवल नाम, अमोल नाम, सुरतिसनेही नाम, हक्कनाम, पाकनाम, प्रकट नाम, धीरज नाम, उग्र नाम, दयानाम की दया, वंश ब्यालीसकी दया ।

अथ श्रीबोधसागरे

एकोनत्रिंशत्तरंगः

अथ स्वसमवेदबोध प्रारम्भ

मंगलाचरण—चौपाई

बन्दों गुरपद नख मणि ज्योती । हृदये बसत दिग्विहग होती ॥ कोटि सूर शशि उर उजियारा । तिमिर अविद्या सकल सँहारा ॥ चरणकमल मुनि दलअलिफंदा । धुरपद पाय मधुर मकरंदा ॥