कबीर सागर (11 भाग संपूर्ण)
Kabir Sagar (11 Parts Complete)
कबीर साहेब / खेमराज श्रीकृष्णदास द्वारा
स्रोत: खेमराज श्रीकृष्णदास प्रकाशन, बम्बई - कबीर सागर सम्पूर्ण ११ भाग · खेमराज श्रीकृष्णदास (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ेंसुमिरनबोध
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चार ध्यानके नाम
प्रथम पंडीसीतध्यान, दूसरे रूप सत्य ध्यान, तीसरे पद सत ध्यान, चौथे रूपातीत ध्यान ॥ ४ ॥
चार पदार्थके नाम
प्रथम अर्थ, दूसरे धर्म तीसरे काम, चौथे मोक्ष ॥ ४ ॥
तीन पदके नाम
प्रथम तत्त्वपद, दूसरे तत्त्वपद, तीसरे असिपद ब्रह्म ॥ ३ ॥
तीन तापके नाम
प्रथम अध्यात्म, दूसरे अधिदेव, तीसरे अधिभूत ॥ ३ ॥
तीन जीवके नाम
प्रथम मोक्षी । दूसरे विषय, तीसरे पामर ॥
पांच खानके नाम
प्रथम मनुष्यखान । दूसरे पिण्डजखान । तीसरे अण्ड खान । चौथे उषमज खान । पांचे अस्थावर खान ॥
पांच वाणीके नाम
प्रथम सिंगिनी वाणी । दूसरे बिगिनि वाणी । तीसरे किंगिनि वाणी । चौथे इंगिनि वाणी । पांचे रिंगिनि वाणी ॥
पांच तत्त्वके नाम
प्रथम आकाश । दूसरे वायु । तीसरे तेज । चौथे जल । पांचे पृथ्वी ॥
तिनको विभाग
मानुष खानमें सिंगिनिवाणी आकाश, वायु, तेज, नीर । पृथ्वी ये चार तत्त्व पिंडज खानमें वर्तते हैं । तीसरे अण्डज खानमें किंगिनि वाणी, वायु, तेज, जल ये तीन तत्त्व अंडज खानमें