भारतकोश
कबीरपंथी शब्दावली

कबीरपंथी शब्दावली

Kabirpanthi Shabdavali

स्वामी श्री युगलानन्द विहारी द्वारा

स्रोत: Kabirpanthi Shabdavali - Yugalanand Vihari · श्री युगलानन्द विहारी (उद्गम)

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सत्यनाम ।

कवीरपंथी शब्दावलीकी साधारण अनुक्रमणिका ।

नंबरविषयपृष्ठ
मुख्यपत्र वंशावली... १
भूमिका... २
प्रस्तावना... ५
अनुक्रमणिका... १७
ध्यान देकर पढ़ो—कवीरपंथी ग्रन्थोंको
सूचीसहित... २२
मंगलाचरण... २५
शब्दावलीकी उत्थानिका... २५
१ शब्दावली... ३७
२ ग्रन्थारम्भः... ३७
१ मंगलाचरण... ३७
२ इससे लाभ क्या... ३७
३ सद्गुरुका स्वरूप शब्दकी
महिमा... ३७
४ शब्द क्या बतलाता है ?... ३७
५ इसलिये (वंशव्याख्या) परन्तु,
किन्तु ।... ३८
कवीर पंथी शब्दावली
प्रथम खण्ड प्रारम्भः ।
संज्ञा मुमिरन प्रारम्भः... ४०
१ संज्ञा गौरी... ४०
२ आरती... ४३
३ संज्ञा साखी... ४३
४ विज्ञान स्तोत्र... ४९
५ दयासागर स्तुति... ५१
(जीवके उद्धारक मार्ग)... ५२
६ चैतावनी... ५३
(सत्यकाशब्द)... ५३
७ ज्ञान गुदरी... ५५
८ रत्ना स्तुति... ५७
९ अष्टक (साहब गुरुज्ञानी)... ५८
१० स्तुति (गुरु दुषित नुभ विन्)... ५९
११ विनय (दरस दीजे गुरु परम-
(स्नेही)... ५९
१२ स्तोत्र (विदेह सूर्य)... ६०
१३ स्तोत्र (जयजय कबीर)... ६१
नंबरविषयपृष्ठ
१४नाभाजी कृत छप्पय... ६२
छप्पय भक्तमालका... ६३
१५सूचना (विचार जनक विदेहि
नानका)... ६४
१६स्तोत्र अष्टक (* मंगलरूप
अनूप पूरन)... ६४
और कवित्त अजर अखण्ड रूप... ६६
१७साखी (बारोंतन शनधन सब)... ६७
संज्ञापाठ बुरहानपुरी... ६७
* गुरु शतक सारनाम
... ६८
छन्द (नुभ होहु जाहु बयाल)... ६८
शब्द अष्टपदी स्तोत्र)
... ६९
(प्रभुजी विन् कोन छुडावे)... ६९
छन्द (साहब स्वतः प्रकाश
पारख)... ७१
अर्जनाभा अष्टक (हो सबक
अज्ञान)... ७२
अष्टक (मुखसाहब मुखरूप)... ७२
अष्टक (* मंगलरूप अनूपम
पूरन)... ७३
घनाक्षरी (अजर अखंडरूप)... ७५
आरती (आरति हो गुरु
आरति हो)... ७५
१०प्राथना स्तुति दोहा... ७६
११गुरुस्तुति छन्द... ७६
द्वितीय खण्ड प्रारम्भ ।
स्तोत्र दर्शन ।
सन्ध्या बन्दन स्तुति... ७७
कबीर मान् विद्योग सबध्या... ७८
विनय पत्रिका... ८१
ध्वनि इमन (समय ८ बजे
रात्रि)... ८५
बेधताल त्योरा (स० १० बजे
रात)... ८६