कल्याण: उपनिषद् अङ्क

कल्याण: उपनिषद् अङ्क
Kalyan Upanishad Ank
गीताप्रेस द्वारा
स्रोत: Gita Press Gorakhpur · Gita Press, Gorakhpur (उद्गम)
DevanagariSanskritpublished832 पृष्ठ
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सच्चिदानन्द नारायण श्रीवत्सलाञ्छनं हृत्स्थं कौस्तुभं प्रभया युतम् । चतुर्भुजं शङ्खचक्राशिशार्ङ्गगदान्वितम् ॥ सुकेयूरान्वित बाहु कण्ठ मालासुशोभितम् । द्युमत्किरीट वलय स्फुरन्मकरकुण्डलम् ॥ हिरण्मय सौम्यतनु समकाषायमप्रदम् । (गो० उ० ६१-६२)
भगवान् श्रीगोविन्द नमो विज्ञानरूपाय परमानन्दरूपिणे । कृष्णाय गोपीनाथाय गोविन्दाय नमो नमः ॥ (गो० पू० ५।७)