भारतकोश
कल्याण: उपनिषद् अङ्क

कल्याण: उपनिषद् अङ्क

Kalyan Upanishad Ank

गीताप्रेस द्वारा

स्रोत: Gita Press Gorakhpur · Gita Press, Gorakhpur (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished832 पृष्ठ

पृष्ठ 704, कुल 832 में से

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पृष्ठ 704

श्रीश्रीमहालक्ष्मी — भूयाद्भूयो द्विपचामयचषदकरा तप्तकार्तस्वरभा युष्मानामभयप्रदद्वयकरधृतकुम्भाभिरिषिच्यमाना । रक्तौघा बद्धमौलिविमलतरदुकूलार्तवालेपनाढ्या पद्माक्षी पद्मनाभोरसि कृतवसतिः श्रीः श्रिये नः ॥

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