कामन्दकीय नीतिसार (आचार्य कामन्दक - प्राचीन भारतीय राजनीति शास्त्र)
Kamandakiya Nitisara with Hindi Commentary
आचार्य कामन्दक / पं. ज्वालाप्रसाद मिश्र द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें११। रस-निर्झर कालिदास, ঘটकर्पर, श्रीहर्ष, वररुचि प्रभृति प्राचीन महाकविगणेर प्रधानतः आदि रसात्मक श्लोक समूहेर सुललित पद्यानुवाद ओ तत्सह ঐ समयेर सुरसाल गल्प। सुन्दर बाँधान, दुइ रङे एन्टिके छापा। अल्प पय़साय़ बन्धु बान्धवके उपहार दिवार श्रेष्ठ पुस्तक। मूल्य मात्र ।/० छय़ आना। १२। श्राद्ध पद्धति श्राद्धादि पारलौकिक कर्म्मेर—एकमात्र विशद विशुद्ध पुस्तक। यन्त्रस्थ। आरो कय़ेकखानि मनेर मतन बइ শ্রীযুক্ত नृपेन्द्रकुमार बसु प्रणीत १। भादुरे डि-एल्-राय़ेर आषाढेर पर एमन रुचिकर हासिर केताब केउ लिखते पारेन नि। “डाक टिकिटे चुमा” “डाक्तार बঘ্নিক भाई” “कलिर ब्राह्मण” पडते पडते हासिर प्रलय़-पय़ोधि जले भासबेन। मूल्य तिन आना, डाकटिकिट पाठाइले एकखानि पाइबेन। २। सखेर सय़तानी अपूर्ब्ब चमकप्रद डिटेक्टिव उपन्यास; पडिते पडिते आत्महारा हइबेन। २१० पृष्ठार बइ, २खानि मनोरम चित्र, सुन्दर बाँधाइ, दाम ১/टाका। ३। मालसा भोग गद्ये पद्ये हासेर रचना भरा अपूर्ब्ब मुखरोचक प्रसाद, साहित्य जगते अभिनव परिकल्पना। अनेकगुलि छवि आछे, प्राय़ ৯০ पृष्ठार बइ, बेगुनी रङे छापा ; मूल्य सओय़ा पाँच आना मात्र। प्राप्तिस्थान :— निर्मला साहित्याश्रम—१०२ए, बेलेघाटा मन् रोड, कलिकाता। गुरुदास चट्टोपाध्याय़ एण्ड, सन्स,—२०১ নং कर्णओय़ालिस ष्ट्रीट, कलिकाता। संस्कृत प्रेस डिपजिटरी—३० নং कर्णओय़ालिस ष्ट्रीट, कलिकाता। ओ अन्यान्य प्रधान पुस्तकालय़ प्राप्तव्य।