भारतकोश
कान्हड़दे प्रबन्ध (कवि पद्मनाभ - जालोर चौहान वीरगाथा, अलाउद्दीन खिलजी से युद्ध व जौहर इतिहास)

कान्हड़दे प्रबन्ध (कवि पद्मनाभ - जालोर चौहान वीरगाथा, अलाउद्दीन खिलजी से युद्ध व जौहर इतिहास)

Kanhadade Prabandha of Kavi Padmanabha with Commentary

कवि पद्मनाभ (सम्पादक: प्रो. कान्तिलाल बलदेवराम व्यास) द्वारा

DevanagariHindipublished354 पृष्ठ

पृष्ठ 173, कुल 354 में से

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१०० कान्हडदे प्रबन्ध आव्या सुरताणी परधान, सभा सहित राइ दीधूं मान। तब प्रधान पूछ्या चहूआण, किस्यूं वचन कहाव्यूं सुरताण ॥ ४ इस्यूं प्रधान कहइ तिणि समइ, सुरताणी दल कुण आंगमइ। जास तणउ भूतलि भडवांय, जिणि वसि कीधा राणा राय ॥ ५ ॥ दूहा ॥ पद्मनाभ पंडित भणइ, जिह तूठउ जगदीस। तास तंडोवडि हुई किसी, अंगि न आणउ रीस ॥ ६ ॥ चउपई ॥ जास तणइ तेजी लंप आठ, जास तणइ घरि गयवर थाट। जास तणइ नवनिधि भंडारि, जेह भिंडतां नवि आंवई हारि ॥ ७ ४ सुरवाणी-सुरताणी D J, सुरतांणी H. परधान-प्रधान A D H, प्रघानु O, परधांन J K. सभा- सभां H, सुभा K. सहित-माहि. A, निंद्रे D, सथ H. राइ-राई B C, राय D J K. दीधूं-दीउं A, दीधु C D, दीनु H, दीधा K. मान-मांन A D H J. 4a in L is: शुभा सहित राड बीधीउ मान पूछया राउत घाली सान. प्रधान-प्रधानी B, प्रधांन D H J K. पूछ्या-पूछइ A, पुछिया B, पूछि J. चहूआण-चहूयाण A B, चहू आणि C J, चहुआण D H, चहुआंग K. किस्यूं वचन-कियूं वचन A, वचन किस्यू B, किसिउं वचन C, सिस्युं वचन D, कसि H, किस्यूं वचन J, किम्ये बचनं K, किसउं वचन L. कहाव्यूं-यहाविउं A H L, कहायुं B, वाहाविउं C, बहाव्यूं D, बोल्या J, कहाव्यउ K. सुरताण-शुरताण A, सुरतांणि C, सुरतांणि D, कहु सुरतांग H, सुरिताण K, शूरिताण L. ५ इस्यूं-इसूं A, अमुं C, दस्युं D, इसुउ H, वलतू J, इसुं K. प्रधान-प्रधांन D H J K. कहइ-वहइ A, कहि B C D H J, कथ्यउ K. तिणि-तीणइ A, तेणि B C D. समइ-समई A, समिइ B, सनि C H J. सुरताणी-मुलताणी A, सुरतांणी C D K, सूरतोणी H, सुलतोणी J. दल कुण-कुन दल A, दल वुंन B D. आंगमइ-आगमई A, अगिमि B, आगमि C, अंगमंई D, ओगमि H J. 5a in L reads: इमिस बर्चन षइइ प्रधान शूरिताणि दल योजा पान. जास-जस C, जाणु L. तणउ-तणु B C H, तणे D, तणि J. भूतलि-भूतलें D. भडवांय-भडवाड D H, भडिवाउ K L. जिणि-जिंण A, जीणि B, जेणि C D. वसि- सेन C, आण J, वशि L. कीधा-फराव्या C, मनाव्या J. राणा राय-राय C J, रांणां राउ D, रांणो राय H, राणा राड K O interpolates the following verse after vs 5: जेहनी आन मानि देविंद जेह घलि धूजइ ताराचंद्र । रायरांणा सवि सेवा करि मेघार्टबर छत्रज धरि ॥ ६ C D J omit vs 6. दूहा- ...H. पद्मनाभ-पदमनाभ H, पदमनाभि K, पद्मनाभि L. भणइ-पढइ A, भणिइ B, भणि H. जिह-जिहि A, जेह B H. तूठउ-वहु B, रुठउ K. तास-ताणु L. तंडोवडि-तटोवड L. हुई-फो H, हुई K. किसी-भिही H, रिसु K. आणउ-आणु B H. ७ चउपई-दिव चउपई A, चुरै B, ...C D H J, चौपई L. जास-तास A B L, जाणुं D. तणइ-तणि B C H J, तगई L. छप आठ-आठ लाप D, सक्ष आठ H L. तणइ-तणि B C H J, तणिइ D, तणई L. घरि-...C D H J K L. गयवर-गयमर B H, गर्ववरला C J, गीमरनु D, गइवर घरि K, गइवरि घरिं L. थाट-ठाठ B C D H J, घाटि L. जास-जासु D K, जाणु L. तणइ-तणि B C H J, तणिइ L. नव-निष A, निधि-मधि D H. भंडारि-भेदार A B C D H J, भंडर K, भडार L. जेह-जै C H, ...J. भिंडतां- भडतां B C, भर्डतां D H, भडतां जेह J, भिडंतो L. नवि आंवइ-नावइ बलि A, नवि आंवि B C, नावइ D K, भापि H, न आवि J. हारि-हरि K, हार L. C interpolates the following additional verse after 7: लेहनि द्रम्पतणी नही मणा कटक कोप संप्रामि पणा । हाथी अश्व ऊंट नही पार अश्वपति रायराणां रापार ॥