कान्हड़दे प्रबन्ध (कवि पद्मनाभ - जालोर चौहान वीरगाथा, अलाउद्दीन खिलजी से युद्ध व जौहर इतिहास)
Kanhadade Prabandha of Kavi Padmanabha with Commentary
कवि पद्मनाभ (सम्पादक: प्रो. कान्तिलाल बलदेवराम व्यास) द्वारा
पृष्ठ 172, कुल 354 में से
संदर्भ में पढ़ेंतृतीय खंड ॥ चउपाई ॥ त्रीजा खंड तणउ प्रारंभ, बोलइ पद्मनाभ कवि वंभ । समीयाणे चडीउ सुरताण, जिहां हूंतउ सांतल चहूआण ॥ १ लीधउ गढ आणीउ अभिमान, कान्हड भणी मोकल्या प्रधान । पातसाहि एहयूं कहावीउं, एक दुरग मइं प्राणइ लीउ ॥ २ कइ अम्ह आवी करइ सिलाम, कइ प्राणइ छंडाविसुं ठाम । ग्या प्रधान सिरि धरीय पसाउ, जई भेटिउ संभरिनउ राउ ॥ ३ १ चडपई-... A B C D H J L. त्रीजा-त्रीजउ L. पंड-खंड C, पंड K. तणउ-तणु B C H J, तणं D. प्रारंभ-आरंभ D K, आरंभन L. बोलइ-बोलि B C H J. पद्मनाभ-पद्मनाभि A, पदमनाभ C H J, पदमनाभि K. समीयाणे-सेवाणे B, समीआणे C, सनीयाणे D, समीअंणि H, समिआणे K. चडीउ-चडीउ C J, चध्यउ K, चडिउ L. सुरताण-सुरतांन H, सुरतांग J K, शूरिताणि L. जिहां-जिहां D, याहां J, जिहा L. हूंतउ em-हूंंत A, हुतु B, हुतु C D H, हूंंतु J, हुतउ K, हुंतो L. सांतल-सातुल A L, सातिल K. चहूभाण-चहूवान A B, चहूभांग H J, चहुआण K, चहुआण L. २ लीधउ-लीधु B C H J, लीपुं D. आणीउ em-आंणीउ A, आनि B, आणिउ C H, आंण्युं D, आंनिउ J, आंन्यउ K, आण्यउ L. अभिमान-अभिमांन A C D H J K. कान्हड-कान्हडदे A, कन्ह B C L, काहांन H J, कांह्द K. मोकल्या-मोकलिउ B, मोकल्यु D, पाठव्या H, मूक्यउ K. प्रधान-प्रधान D H, परधांन J K. पातसाहि-पातसाह A B H, पातशाह J, पातिसाह K, पानिसाहि L. एहयूं-एहूं A, एहवुं B C H J, एहवउ K L. कहावीउं-कहावीउ A, काहावीउं B, कहाविउं C D, सु कहाविउं H, कहावीकं J, कहा- विसुं K, कहिउं L. एक दुरग-एक दुर्घ B D K L, ए गढ C, एक दुर्ग H, प्राणि दुर्ध J. मइं-मइ A L, मिं B, मिअ C, मि H J. प्राणइ-प्राणि B, पराणि C, प्राणि D, प्राणि H, आ J, प्रांणइ K. लीउ-लीडे D H, लियउ K, लीयो L. ३ कइ-कि B C J. अम्ह-अम्हि L. करइ-करे A B D H J, सरे C, करउ L. सिलाम-सलाम B C L, सिलांम D J K, सलांम H. कइ- कि B C J. प्राणइ-त्राणि A B C, भ्राति D H J, प्रांणइ K. छंडाविसुं- छंडाविउं A, छंडालुं B L, छंडाव्योस C, छंडाविउ H, छंडाविति J, छंडाविस K. ठाम-ठांम B J, ठामि L. ग्या-गया B C D H J K L. प्रधान-प्रधान D H J K. सिरि-मनि B, शिरि C, सरि D H, दार J, सिर K, शिर L. धरीय-धरी B J K L, घरीउ C D, घरीआ H. पसाउ-पसाय C H, फरमांन J. जई-जइ H K. भेटिउ-भेटिउं H, भेड्यउ K. संभरिनउ-सांभरिनउ A, संभरितु B, संभरिनु C, सींभरतुं D, संभर H, सोना- गिरि J, संभरिनउ K. राउ-राय B C, न्नाउ H, छाहान J. iv qr in L is: कान्हडदे राउ दीधउ मान.