भारतकोश
कान्हड़दे प्रबन्ध (कवि पद्मनाभ - जालोर चौहान वीरगाथा, अलाउद्दीन खिलजी से युद्ध व जौहर इतिहास)

कान्हड़दे प्रबन्ध (कवि पद्मनाभ - जालोर चौहान वीरगाथा, अलाउद्दीन खिलजी से युद्ध व जौहर इतिहास)

Kanhadade Prabandha of Kavi Padmanabha with Commentary

कवि पद्मनाभ (सम्पादक: प्रो. कान्तिलाल बलदेवराम व्यास) द्वारा

DevanagariHindipublished354 पृष्ठ

पृष्ठ 234, कुल 354 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 234

तृतीय खंड १६१ दल मेडता थकां ऊपठ्यां, तु हरसुरि जाईनई पड्यां । वहि पालपी ऊतावली, कुंयरी जई संभिरि मिली ॥ २४९ चालि चालि ऊतावलि करी, ग्यां आंचेर कटक सांचरी । चाल्यां कटक दमामां दीयां, बीजइ दिनि वाहदरपुरि गयां ॥ २५० मदनभेरि वाज्यां नीसाण, तु ढीली पहुतउ सुरताण । पदमनाभ पंडित मति कही, त्रीजा पंड समापति हुई ॥ २५१ २४८ सहू-सहूइ E, सहूंइ K, सवि L. साथ-वलीउ A B C, वलिउं D J, साथि E, साथिइ L. बुलाई- सजाइ A E, जुहार सज B, बोलाई D, वउलवुं K, वलावी L. कटक-कटिक E. भणी-तणी B. कुंयरी- कुंअरी C L, कुंयरी E, कूंअरी J, हुआरी K. तु-त A D, तो L. जहिमनी-जहीमती A, जो जैमति C, जिहमति D, जहमती E L, हिजमती K. हुउ-हुउ B C, हुंड D, थयु E, है K, हुइ L. सुरवाण-शुरताण A, सुरतांग C E K, सुरतांणी D, शूरिताण L. iii qr in J is: हरपवंत होऊ सरतांग. पाछउ-पाला A, पाछा B, पाछु C D. वलिउ-चलीया A, वलियां B, वली E J K, वल्यो L. दीवं-दीआ E, दीऊं J, दीयउ K, हुउ L. फुरमाण-मेल्दांण C J E, मेइलांण D, फुरेगांन E, फुरिमाण L. २४९ मेडता-मेड़ता E, मेडतां J. थकां-थिकौ B J, यिकुं D, थआ E, थका K, थकी L. ऊपठ्यां- ऊपठीयां A, ऊपडिउ D, ऊपडिया E, ऊपज्या L. हरसुरि-हरसरि A, हरसूरि D, हरिसुर J, हरसोरई K. जाई-जई A C, जाइ K. नई-नि B C J, नई D, ...E K L. पड्यां-चप्या A C, पडियां B, चडीउ D, पदिया E. ii qr in L is: तिहा सहू जायइ दटवच्या. वहि-वहर A, वहिल K. पालपी-पालपि D, ऊतावली-ऊतावलि A, उतावलो D L. A omits iv qr. कुंयरी-कुअरि A D, डुंयरि B, कुंअरी C, कुमरी E L, कुआरि J, कुंभरि K. जई-जईनइ A, जाई B, जाइनइ L. संभिरि-सांभरि A, संभारि B, सिमरि C, सींभरि D, सिभरि नि J, सईभरि K. मिली-मली B E. २५० चालि चालि-चाली चालि A, चालि २ B D E J K, चालि चालइ L. ऊतावलि-उतावली D, ऊतावली L. करी-... L. ग्यां-गया A J, गया D L, ग्या K. आंचेर-अंदेरि B C, आचिर D, अंचेरे K, मैणि J, अचैर K, आनेसरि L. कटक-कटिक E. सांचरी-सांचरी C, संकरी E J K. चाल्यां-चाल्या C L, चालियां E, च्याल्यां K. कटक-फटिक E. दमामां-दमांमा B E, दमांमा C, दुमांना L. दीयां-दीआ C, दीआं E, वरी L. बीजइ-मीजिइ B, बीजि C J. दिनि-दिन A K L, दीनै D. वाहदरपुरि-वाहादरपुरि B, बाहडपुर D, बाहडपुरि E, वाहादरपुरि J, बहादरपुरि K, बाहडपुरि L. गयां-गया C D, गइ L. २५१ मदनभेरि-मदनमेर D E J. वाज्यां-वाया C J, वागां D, वाज्या L. नीसाण-नीसाण B, नीसांण D E, नीसाग K, नीसाणि L. तु-तुं D, तउ K. ढीली-डिलीई C, डली E, दिली K. पहुतउ-पहुतउ A, पहुतु B E, पहुता C, पहुतुं D, पहोतु J, पहुतउ K, पहुतो L. सुरताण-सुरतांग C E J K, सुरतान D, शूरि- ताणि L. E interpolates after 251 a करी सलाम नई ऊभा रहिया आपणपे घरे सहू गया; K interpolates: करी सलाम नइ ऊभा रह्या आपणपे घरे सहु गया. पदमनाभ-पदमनाभि E. पंडित-वाणी C. मति-द्रम C K. त्रीजा-त्रीजो E. पंड-खंड C. समापति-समाप्ति E. हुई-हुई C, हुउ K. L reads as 251 b: त्रितीय खंड ए पूरी थाइ कान्हडदे पवाडो कहवाइ. A B D J omit vs 251 b. The respective colophons are: इति तृतीय समाप्त खंड ॥ समाप्त ॥ A; इहि तृतीय पंड. ॥ B, इति थीकान्हडदे तृतीयखंड संपूर्ण सुत्रीय पंड मध्ये बाहडमेर भीमवालभंग पात- साह जाल्हरि आगम मुंगलाभम पातसाह दीलीचलन समसूथान हरमसहित बंदिकरण शीताई गढि आगम बंध- छेदनं बीवाहवातकरणे पंड ३ गाथा २३९ ॥ C; इति कान्हडदे तृतियखंड संपूर्ण ३ ॥ D; ॥ छ॥ इति श्री सोनिगिरावंशे श्रीकृष्णचरित्रे तृतीयखंड ॥ श्री ॥ E; इति श्री तृतीयरुंड समाप्तः ॥ J; ॥ छ ॥ K; इति राजा श्री कान्हइदे द्वितीय स्वर्ग समाप्त ॥ L. 21

कान्हड़दे प्रबन्ध (कवि पद्मनाभ - जालोर चौहान वीरगाथा, अलाउद्दीन खिलजी से युद्ध व जौहर इतिहास) · पृष्ठ 234, कुल 354 में से · BharatKosha