भारतकोश
कान्हड़दे प्रबन्ध (कवि पद्मनाभ - जालोर चौहान वीरगाथा, अलाउद्दीन खिलजी से युद्ध व जौहर इतिहास)

कान्हड़दे प्रबन्ध (कवि पद्मनाभ - जालोर चौहान वीरगाथा, अलाउद्दीन खिलजी से युद्ध व जौहर इतिहास)

Kanhadade Prabandha of Kavi Padmanabha with Commentary

कवि पद्मनाभ (सम्पादक: प्रो. कान्तिलाल बलदेवराम व्यास) द्वारा

DevanagariHindipublished354 पृष्ठ

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राजस्थान पुरातन ग्रन्थमाला कान्हड़दे प्रबन्ध


[पाण्डुलिपि 'A' का अन्तिम पृष्ठ (पत्र १८ पृष्ठ २) - प्रशस्ति/पुष्पिका भाग]

(मुख्य पाठ का अधिकांश भाग अति-क्षीण एवं अस्पष्ट मुद्रण/दोषयुक्त प्रतिकृति के कारण अपाठ्य है; केवल अन्तिम चरण के निम्नांकित अंश पठनीय हैं:)

॰॰॰ मिय ॰॰॰ कापर ॰॰॰ शिरोम ॰॰॰ तात ॰॰॰ लिहो यै ॰॰॰ लिति ॰॰॰ डिउमी ॰॰॰ खीख ॰॰॰ चपाज ॰॰॰ भीजिन ॰॰॰ श्री ॰॰ रामइ ॰॰॰ नन्दन ॰॰॰ माणह ॰॰॰ किन्तःमि ॰॰॰ [वि]जियश्रीः ॰॰॰ ऽऽ पायकि ॰॰॰ पुत्र ॰॰ घट ३२ ॥२८॥ २४


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